मदरसों को अब मोहलत नहीं, मौलाना की धमकी से ऐक्शन में धामी सरकार; अबतक 13 पर ताले

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उत्तराखंड में बिना मान्यता वाले मदरसों पर सख्ती शुरू हो गई है। मौलाना ने बीते दिनों सरकार को धमकी भी दी थी। सरकार ने अब तक ऐक्शन लेते हुए प्रदेशभर में 13 मदरसों को सीलबंद कर दिया है।

madrassa (file photo)    Photo by Mohsen KARIMI / AFP)
उत्तराखंड में मदरसों को अब मोहलत नहीं, अबतक 13 पर ताले

चांद मोहम्मद, देहरादून

उत्तराखंड में शिक्षा विभाग एवं अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण से मान्यता के लिए आवेदन न करने वाले मदरसों को अब मोहलत नहीं मिलेगी। विभाग ने मान्यता न लेने पर रुड़की के दो और मदरसों को सील किया। अब तक उत्तराखंड में 13 मदरसों पर ताले लगाए जा चुके हैं। इनमें मदरसा जामेया नबिया एकेडमी महीदान, दिल्ली रोड और एमए मेमोरियल एजुकेशनल इंस्टीट्यूट शामिल हैं।

मौलाना के बयान के बाद ऐक्शन में सरकार

अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण के अध्यक्ष डॉ. सुरजीत सिंह गांधी ने बताया कि प्रदेश में अब तक 13 मदरसे सील किए गए हैं। दरअसल, रुद्रपुर में ई-ए-मिलाद के जुलूस के दौरान मौलाना मुजीब द्वारा दिए गए बयान एवं बिना मान्यता के बच्चों को पढ़ाने की जानकारी सामने आने के बाद सरकार सख्त रुख अपना रही है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और मंत्री खजानदास ने नियमो का उल्लंघन करने वालों और बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले संस्थानों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण के अध्यक्ष डॉ. सुरजीत सिंह गांधी और अल्पसंख्यक कल्याण निदेशक दीप्ति सिंह ने सभी जिलों को ऐसे मदरसों को तत्काल सीलबंद करने के आदेश जारी किए हैं। पहले सितंबर तक मदरसों को मान्यता को कहा गया था, इसके बावजूद कई ने आवेदन नहीं किया। इस बाबत दून, हरिद्वार, ऊधमसिंह नगर, नैनीताल, अल्मोड़ा, चम्पावत और पिथौरागढ़ के जिलाधिकारियों को पत्र भेजा गया है।

फाइलें तलब और नोटिस भी जारी

जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी बीपी त्रिवेदी ने गुरुवार को आजाद कॉलोनी स्थित तीन मदरसों का निरीक्षण किया। जांच में एक मदरसा स्कूल में परिवर्तित पाया गया, दो मदरसों में बच्चे पढ़ते पाए गए। उनके पास मान्यता के कागजात नहीं थे, वकील के माध्यम से आवेदन करने का तर्क दिया। अधिकारी ने शुक्रवार तक दस्तावेज जमा कराने की चेतावनी दी है। जिले के सभी 40 मदरसों को नोटिस जारी कर दिए गए हैं।

150 से अधिक मदरसे अभी आवेदन से दूर

डॉ. सुरजीत सिंह गांधी ने कहा कि अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण के नियम एक जुलाई से लागू हैं। मदरसों को जागरूक कर रहे हैं, इसके बावजूद 150 से अधिक मदरसों ने अभी आवेदन नहीं किया है। बिना मान्यता के दाखिले लेकर बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ हो रहा है। इसलिए कार्रवाई के आदेश जारी किए गए हैं।

Gaurav Kala

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