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1.63 लाख ‘लखपति दीदी’ हो चुकी तैयार, अब सवा लाख और महिलाओं का लक्ष्य

1.63 लाख ‘लखपति दीदी’ हो चुकी तैयार, अब सवा लाख और महिलाओं का लक्ष्य

संक्षेप: Lakhpati Didi Scheme: उत्तराखंड में सरकार ने सवा लाख महिलाओं को लखपति दीदी बनाने की योजना तैयार की है। अभी वर्तमान में 1.63 लाख महिलाएं लखपति दीदी स्कीम का फायदा उठा चुकी हैं।

Tue, 18 Nov 2025 09:18 AMGaurav Kala देहरादून
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Lakhpati Didi Scheme: उत्तराखंड में लखपति दीदी योजना के तहत महिलाओं को सशक्त बनाने के प्रयासों में तेजी लाई जाएगी। ग्राम्य विकास सचिव धीराज गर्ब्याल ने बताया कि लखपति दीदी राज्य स्तरीय मूल्यांकन समिति की बैठक में यह फैसला लिया गया। नया लक्ष्य उत्तराखंड में सवा लाख और महिलाओं को लखपति दीदी बनाने का है।

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वर्तमान में राज्य में 1.63 लाख महिलाएं लखपति दीदी के रूप में तैयार हुई हैं। अब, वित्तीय वर्ष 2025-26 में 1.20 लाख अतिरिक्त महिलाओं को लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। दीनदयाल अंत्योदय-राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री की पहल पर, महिलाओं को लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। यह लक्ष्य महिलाओं के संस्थागत निर्माण, क्षमता विकास, वित्तीय समावेशन, विभागीय समन्वय, आजीविका गतिविधियों में संलग्नता और उत्पादों के विपणन के माध्यम से प्राप्त किया जा रहा है।

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इसके लिए 68,497 स्वयं सहायता समूह (एसएचजी), 7,768 ग्राम संगठन और 566 क्लस्टर संगठन गठित किए गए हैं। इन समूहों के माध्यम से करीब पांच लाख से अधिक महिलाएं विभिन्न आजीविका गतिविधियों से जुड़ी हैं।

सचिव ग्राम्य विकास धीराज गर्ब्याल ने बताया कि योजना की सफलता सुनिश्चित करने के लिए कई निर्देश दिए गए हैं। इसके तहत अब मूल्यांकन समिति में पर्यटन विभाग को भी शामिल किया जाएगा। मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना और पीएमईजीपी के माध्यम से अधिक से अधिक स्वयं सहायता समूह सदस्यों को जोड़ा जाएगा। वहीं स्वयं सहायता समूह सदस्यों का तकनीकी एवं कौशल विकास मुख्यमंत्री उद्यमशाला योजना के माध्यम से किया जाएगा।

जिलावार तैयार की जाएंगी योजनाएं

सचिव ग्राम्य विकास धीराज गर्ब्याल ने बताया कि समूह सदस्यों की ओर से उत्पादित उत्कृष्ट उत्पादों को हाउस ऑफ हिमालयाज से जोड़ा जाएगा। इसके अलावा ग्रामीण उद्यम प्रोत्साहन योजना (रीप) के माध्यम से अधिक ग्रामीण उद्यमों को प्रोत्साहित किया जाएगा। इसके लिए सभी विभाग परस्पर समन्वय स्थापित कर जिलावार कार्ययोजनाएं तैयार करेंगे।

Gaurav Kala

लेखक के बारे में

Gaurav Kala
गौरव काला को नेशनल, राजनीति, अंतरराष्ट्रीय, क्राइम और वायरल समाचार लिखना पसंद हैं। प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया में 10 साल कार्य का अनुभव। लाइव हिन्दुस्तान से पहले अमर उजाला, दैनिक जागरण और ईटीवी भारत जैसे मीडिया संस्थानों में काम कर चुके हैं। इन्होंने हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में स्नातक और स्नातकोत्तर की पढ़ाई की है। और पढ़ें

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