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लालढांग-चिलरखाल रोड के निर्माण पर रोक से भड़के

लालढांग-चिलरखाल रोड के निर्माण पर रोक से भड़के

वन मंत्री डा. हरक सिंह रावत के ड्रीम प्रोजेक्ट में शुमार लालढांग-चिलरखाल मोटर मार्ग के निर्माण कार्य पर रोक लगने के बाद कोटद्वारवासियों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। शनिवार को मार्ग का निर्माण तेजी से कराने को लेकर स्थानीय लोगों और भाजपा कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी व मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत को ज्ञापन प्रेषित किया। कहा कि अगर सरकार ने इस मामले पर ध्यान नहीं दिया तो क्षेत्रीय जनता श्रमदान कर इस मार्ग का निर्माण करेगी।तहसील परिसर में ज्ञापन सौंपने से पूर्व आयोजित एक सभा में वक्ताओं ने कहा कि लालढांग-चिलरखाल मोटर मार्ग उत्तराखंड की लाइफ लाइन है जो गढ़वाल और कुमाऊं को जोड़ती है। कहा कि कोटद्वार के विधायक और प्रदेश में काबीना मंत्री डा. हरक सिंह रावत के प्रयास से इस सड़क का निर्माण कार्य शुरू हुआ था और वन भूमि भी लोनिवि को हस्तांतरित हो गई थी। इसके बावजूद वन विभाग ने इस क्षेत्र को राजाजी टाइगर रिजर्व का बफर जोन बताते हुए सड़क निर्माण कार्य रुकवा दिया है। जिससे लोगों की उम्मीदों को झटका लग गया है। लोगों ने कहा कि पिछले विधानसभा चुनाव में केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने कोटद्वार में आयोजित जनसभा के दौरान मंच से इस मार्ग के निर्माण की घोषणा की थी और डा. रावत के प्रयास से इसका निर्माण कार्य शुरू भी हो गया था। लेकिन अब विभाग ने इस मार्ग के निर्माण पर अड़ंगा लगा दिया है। कहा कि जन हित में इस मार्ग का निर्माण कार्य बरसात से पहले कराया जाना बेहद जरूरी है। चेताया कि अगर सरकार ने सुध नहीं ली तो लोग श्रमदान के तहत इस मार्ग को बनायेंगे।ज्ञापन सौंपने वालों में पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष रश्मि राणा, पार्षद लीला कर्णवाल, गीता बुड़ाकोटी, राजीव कोठारी, गोपालकृष्ण बड़थ्वाल, गजेन्द्र मोहन धस्माना, वीरेन्द्र रावत, सुधीर बहुगुणा, विनोद डोबरियाल, बल्ली, मनोज नेगी, जगमोहन रावत, हेमंत गौड़ आदि शामिल थे।

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