
कांडा में मोबाइल में सिगनल नहीं आने से परेशानी
रिखणीखाल ब्लॉक की ग्राम पंचायत कांडा में मोबाइल नेटवर्क बार-बार खराब हो रहा है। इससे ग्रामीणों को ई-केवाईसी के लिए दस किमी दूर हैड़ाग्वाड़ जाना पड़ता है। जंगली जानवरों का खतरा भी बना हुआ है। बीएसएनएल की टीम ने समस्या का समाधान करने की कोशिश की, लेकिन नेटवर्क की दिक्कतें जारी हैं।
केटीआर से सटी रिखणीखाल ब्लॉक की ग्राम पंचायत कांडा में मोबाइल नेटवर्क फिर दगा देने लगा है। नेटवर्क नहीं होने से लोगों को ई-केवाईसी कराने के लिए दस किमी. दूर हैड़ाग्वाड़ आवाजाही करनी पड़ रही है। इस दौरान जंगली जानवरों का खतरा भी बना हुआ है। ग्रामीणों ने जल्द समस्या हल करने की मांग की है। रिखणीखाल ब्लॉक के अंतर्गत ग्राम पंचायत कांडा 11 किमी. तक फैली हुई है। इसके अंतर्गत कांडा से पांच किमी. दूर पूर्व की ओर तैड़िया, दो किमी. उत्तर की ओर तूणीचौड़, गजरोड़ा, तीन किमी. पश्चिम दिशा में जवाड़ी रौला व दक्षिण में दो किमी. दूर भैंस्यारौ व दियोड़ गांव हैं।
ग्राम पंचायत में संचार सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए दो वर्ष पूर्व बीएसएनएल का टावर स्थापित किया गया था लेकिन आए दिन नेटवर्क की दिक्कत होने से ग्रामीणों को आनलाइन सुविधाएं नहीं मिल पा रही है। मंगलवार को ग्राम पंचायत कांडा की ग्राम प्रधान विनीता ध्यानी ने बताया कि ग्रामीणों की शिकायत पर विगत माह बीएसएनएल के उच्चाधिकारियों के निर्देशन में टीम कुछ दिनों तक क्षेत्र में सक्रिय रही। टीम ने फोन की लोकेशन व ग्रेडिंग अपडेट भी की लेकिन इसके बाद भी ग्राम पंचायत में नेटवर्क की दिक्कत बनी हुई है। नेटवर्क के अभाव में ग्राम पंचायत के एकमात्र सरकारी सस्ते गल्ले की दुकान के दुकानदार व ग्रामीणों को राशन वितरण व ई-केवाईसी के लिए दस किमी. दूर हैड़ाग्वाड़ आवाजाही करनी पड़ रही है। बताया कि समस्या के निवारण के लिए एक बार फिर उन्होंने बीएसएनएल के डीजीएम, एजीएम व जेटीओ से संपर्क कर शिकायत दर्ज कराई है। .

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