DA Image
24 अक्तूबर, 2020|12:09|IST

अगली स्टोरी

कोटद्वार बेस अस्पताल पर उठाए सवाल

default image

अधिवक्ता अरविंद वर्मा ने बेस अस्पताल प्रशासन पर भेदभाव करने का आरोप लगाया है। अधिवक्ता ने कहा कि अस्पताल में केवल सत्ता के गलियारे में ऊंची पहुंच रखने वालों के ही कोरोना टेस्ट किये जा रहे हैं जबकि आम जनमानस को जांच कराने कौड़िया स्थित सेंटर में भेजा जा रहा है, जहां रिपोर्ट आने में तीन-चार दिन लग जाते हैं। प्रेस को जारी एक विज्ञप्ति में एडवोकेट अरविंद वर्मा ने कहा है कि पिछले दिनों तहसील परिसर में वह कोरोना पॉजीटिव अधिवक्ता के सम्पर्क में आये थे, जिसके बाद सावधानी बरतते हुए वह कोरोना जांच कराने बेस अस्पताल पहुंचे। लेकिन कोरोना जांच की पूर्ण व्यवस्था होने के बावजूद अस्पताल प्रशासन द्वारा उन्हें कौड़िया स्थित सेंटर में जांच भेजा गया। वहां जांच की रिर्पोट आने में तीन-चार दिन लग जाते हैं, ऐसे में जिस मरीज की हालत ज्यादा नाजुक हो उसका क्या होगा। उन्होंने अस्पताल प्रशासन के खिलाफ उचित कार्रवाई की मांग की। उधर प्रमुख अधीक्षक डा वीसी काला आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि अधिवक्ता टू-नेट के जरिये कोरोना जांच करवाना चाहते थे, जबकि मशीन से एक दिन में केवल दस टेस्ट हो रहे हैं इसलिए इस मशीन का प्रयोग केवल अस्पताल में भर्ती मरीजों का कोरोना टेस्ट के लिए किया जा रहा है।

  • Hindi News से जुड़े ताजा अपडेट के लिए हमें पर लाइक और पर फॉलो करें।
  • Web Title:Questions raised on Kotdwar Base Hospital