केदारनाथ हाईवे पर मलबे में कई वाहन दबे, गंगोत्री-यमुनोत्री राजमार्ग पर भूस्खलन; मंजर देखें
Uttarakhand Landslide VIDEO: उत्तराखंड में भारी बारिश का कहर जारी है। केदारनाथ हाईवे पर मलबे की चपेट में आकर कई वाहन दब गए। लोगों ने भागकर जान बचाई। गंगोत्री-यमुनोत्री हाईवे पर भूस्खलन हुआ है।
Uttarakhand Landslide VIDEO: उत्तराखंड में भारी बारिश से प्रलय जैसे हालात बने हुए हैं। मौसम विभाग ने आज पूरे प्रदेश में येलो अलर्ट जारी किया है। राजधानी देहरादून में आधी रात से लगातार बारिश हो रही है। देहरादून, बागेश्वर, चमोली और पिथौरागढ़ में ऑरेंज अलर्ट है। केदारनाथ हाईवे पर भारी बारिश के बाद मलबे में कई वाहन दब गए। वहीं, यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग स्यानाचट्टी के पास भूस्खलन के कारण लगातार दूसरे दिन भी बंद है। ऋषिकेश-गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-34) को छोटे वाहनों के लिए फिर से खोल दिया गया है, लेकिन भारी वाहनों के लिए भी आवागमन बहाल करने के प्रयास जारी हैं।
उत्तराखंड में मॉनसून बारिश के कारण अभी भी 111 सड़कें बंद हैं। जिला और लोकनिर्माण विभाग द्वारा इन मार्गों को खोलने के प्रयास किए जा रहे हैं। केदारनाथ हाईवे पर भारी बारिश के कहर का खौफनाक मंजर सामने आया है।
केदारनाथ हाईवे पर मलबे में कई वाहन दबे
रुद्रप्रयाग जनपद के तिलवाड़ा में ऊपरी क्षेत्र से गिड़ भुतेर का गदेरा उफान पर आने से बड़ी मात्रा में मलबा तिलवाड़ा बाजार में सड़क पर आ गया, जिससे मलबे में चार बाइक, नगर पंचायत तिलवाड़ा के दो कूड़ा वाहन, एक ट्रैक्टर दब गए। हालांकि बाद में मलबा हटाते हुए वाहनों को निकाल दिया गया है। इस दौरान केदारनाथ हाईवे पर भी 7 घंटे वाहनों की आवाजाही बंद रही। फिलहाल हाईवे पर मलबे को साफ किया जा रहा है, और जनजीवन सामान्य करने के प्रयास किया जा रहे हैं। केदारनाथ हाईवे को भी खोल दिया गया है। प्रशासन, आपदा प्रबंधन, नगर पंचायत सहित अनेक टीमें मौजूद हैं।
दूसरे दिन भी यमुनोत्री मार्ग बंद
यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग स्यानाचट्टी में भारी मलबा और बोल्डर आने के कारण बुधवार को लगातार दूसरे दिन भी बंद रहा। राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच) की मशीनरी युद्धस्तर पर मार्ग बहाली में जुटी हुई है, लेकिन लगातार हो रहे भूस्खलन के चलते कार्य में बाधा उत्पन्न हो रही है। उधर, बाड़िया गांव के नीचे सक्रिय भूस्खलन क्षेत्र के कारण हाईवे पर दलदल की स्थिति बनी हुई है। भू-धंसाव क्षेत्र में पैदल आवाजाही भी बेहद जोखिम भरी बनी हुई है, लोग जान जोखिम में डालकर और कई बार भागकर भूस्खलन जोन को पार करने को मजबूर हैं। सिलाई बैंड के पास पहाड़ी से रुक-रुककर मलबा और पत्थर गिरने का सिलसिला जारी है। इसके चलते यहां मार्ग दिन में खुल जा रहा है तो खुलने के बाद रात में फिर बंद होता जा रहा है, जिससे यमुनोत्री धाम जाने वाले यात्रियों और स्थानीय लोगों को खासी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। लोगों ने प्रशासन से शीघ्र मार्ग खोलने की मांग की है।
दो घंटे बंद रहा गंगोत्री हाईवे
उत्तरकाशी। गंगोत्री हाईवे पर बुधवार सुबह पापड़गाड़ के पास एक बार फिर से आवाजाही लगभग दो घंटे तक बधित रही। लगातार हो रहे भू-धंसाव से स्थिति नाजुक बनी हुई है। हालांकि बीआरओ की टीम लगातार मलबा हटाने में जुटी है। मार्ग बंद होने से कावंडियों के साथ स्थानीय लोगों को परेशानी उठानी पड़ी।
सिलाई बैंड में भूस्खलन से बाल-बाल बचे कांवड़िए
बड़कोट। यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर सिलाई बैंड के समीप बुधवार को बड़ा हादसा टल गया। यमुनोत्री धाम से लौट रहे दो कांवड़ यात्री अचानक पहाड़ी से गिरे चट्टानी मलबे और पत्थरों की चपेट में आने से बाल-बाल बच गए। जान बचाने के लिए दोनों को अपनी बाइक मौके पर छोड़कर भागना पड़ा। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कुछ देर तक भूस्खलन जारी रहने के बाद स्थिति सामान्य हुई, जिसके बाद सिलाई बैंड से यमुनोत्री की ओर फंसे लोग सावधानी के साथ बड़कोट की ओर रवाना हुए। हालांकि क्षेत्र में लगातार पत्थर गिरने से यात्रियों में दहशत का माहौल बना हुआ है। अंधेरे में कांवड़ यात्री इस भूस्खलन जोन को पार करने को मजबूर हैं, जिससे किसी भी समय बड़े हादसे की आशंका बनी रहती है। सामाजिक कार्यकर्ता महावीर पंवार ने प्रशासन से सिलाई बैंड और अन्य संवेदनशील स्थानों पर लाइट लगाने की मांग की है।


