केदारनाथ में साधु-संतों के वेश में बहुरूपिए! ऑपरेशन कालनेमि से होगी सही पहचान

Gaurav Kala रुद्रप्रयाग
share

केदारनाथ में साधु-संतों के वेश में बहुरूपियों की पहचान कराने के लिए जल्द ऑपरेशन कालनेमि शुरू होगा। जिलाधिकारी ने बताया कि इससे सही साधुओं की पहचान होगी।

केदारनाथ में साधु-संतों के वेश में बहुरूपिए! ऑपरेशन कालनेमि से होगी सही पहचान

केदारनाथ धाम की मर्यादा को बनाए रखने के लिए जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने सोमवार को पुलिस को क्षेत्र में ऑपरेशन कालनेमि चलाने के निर्देश दिए। साथ ही मंदिर के ठीक सामने बैठने वाले साधुओं को अन्यत्र बैठने को कहा है।

जिलाधिकारी ने मीडिया को बताया कि बीते पांच दिन में धाम में व्यवस्थाओं का जायजा लेकर कमियों को दूर किया गया है। धाम आने वाले साधु-संतों की सुविधा और उनके सम्मान के लिए भी कदम उठाए हैं। इसी क्रम में पुलिस को लिखित निर्देश दिए गए हैं कि साधु, संतों का रूप धर कर धाम पहुंचने वाले संदिग्धों की धरपकड़ के लिए ऑपरेशन कालनेमि चलाया जाए।

धाम में भिक्षावृत्ति पर रोक लगेगी

उन्होंने कहा कि देखा गया है कि मंदिर के सामने कई साधु भिक्षावृत्ति कर रहे हैं। यह धाम के लिए शोभनीय नहीं है इसलिए उन्हें अन्य स्थान पर बैठने के निर्देश दिए गए हैं। इससे यहां दर्शन करने आने वाले यात्रियों में गलत संदेश नहीं जाएगा। धाम में तैनात इंस्पेक्टर कुलदीप पंत ने बताया कि साधुओं को भीम शिला के पास तय स्थान पर बैठाया गया है। संदिग्धों की पहचान में पुलिस लगातार जुटी हुई है।

चारधाम यात्रा के दौरान कचरा बन रहा मुसीबत

चारधाम यात्रा शुरू होते ही हिमालयी पारिस्थितिकी के लिए बड़ी चुनौती सामने आने लगी है। आस्था के इस महापर्व में श्रद्धालुओं की भीड़ के साथ-साथ कूड़े के अंबार बढ़ रहे हैं। ‘हिन्दुस्तान’ की पड़ताल में यह सामने आया कि इस वर्ष शुरुआती दिनों में बीते वर्षों के मुकाबले कूड़े की मात्रा में भारी इजाफा हुआ है। वर्तमान में चारों धामों को मिलाकर प्रतिदिन करीब 350 कुंतल तक कचरा निकल रहा है।

सफाई व्यवस्था के आंकड़ों पर गौर करें तो बदरीनाथ में रोज करीब 1700 किलो तक कूड़ा एकत्र हो रहा है। नगर पंचायत बदरीनाथ ने अब तक साढ़े तीन टन कूड़ा जमा किया, जिसमें प्लास्टिक की मात्रा सर्वाधिक है। यहां सफाई के लिए 79 पर्यावरण मित्रों की फौज तैनात है। केदारनाथ में प्रतिदिन करीब 350 किलो कूड़ा निकल रहा है, जिसमें से 150 किलो धाम और 200 किलो पैदल मार्ग से एकत्र हो रहा है। यहां सुलभ इंटरनेशनल के 200 और नगर पंचायत के 55 पर्यावरण मित्र दिन-रात सफाई में जुटे हैं। गंगोत्री में अब तक 5.50 टन कूड़ा एकत्र किया जा चुका है। यहां श्रद्धालु प्रशासन की सख्त हिदायत के बाद भी अपने वस्त्र गंगा के किनारे छोड़ रहे हैं। दूसरी ओर, यमुनोत्री में यात्रा शुरू होने के बाद 10 टन कचरा जमा किया गया है।

कानून की अनदेखी और भविष्य का खतरा

एक बड़ा सवाल कॉर्पोरेट जिम्मेदारी पर खड़ा हो रहा है। प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2016 के तहत प्लास्टिक उत्पादन करने वाली कंपनियों को इसके निस्तारण के लिए भी उत्तरदायी होना चाहिए। सामाजिक कार्यकर्ता अनूप नौटियाल के अनुसार, यात्रा मार्गों पर प्लास्टिक के रेनकोट, चिप्स के पैकेट और बोतलें केवल दृश्य प्रदूषण नहीं हैं, बल्कि भविष्य के खतरे की घंटी हैं।

प्रबंधन के दावे से जुदा नजर आ रही हकीकत

शासन का दावा है कि कचरा प्रबंधन पहले से कहीं बेहतर और वैज्ञानिक तरीके से हो रहा है। बदरीनाथ में दो कंपैक्टर प्लांट, 12 कंपोस्ट पिट और ऑर्गेनिक वेस्ट कनवर्टर मशीनें काम कर रही हैं। केदारनाथ में भी मशीनें हैं। प्रशासन का दावा है कि केदारनाथ में 80% कूड़े का निस्तारण हो रहा है, पर विशेषज्ञों का मानना है कि 11-12 हजार फीट ऊंचाई पर इतनी मात्रा में कूड़े का पूर्ण निस्तारण कठिन है।

Gaurav Kala

लेखक के बारे में

Gaurav Kala

गौरव काला: वरिष्ठ पत्रकार और स्टेट टीम सदस्य

संक्षिप्त विवरण: गौरव काला पिछले 15 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान में स्टेट टीम का हिस्सा हैं। वह विशेष रूप से हिमालयी राज्य उत्तराखंड के अलावा, दिल्ली-एनसीआर, मध्यप्रदेश, झारखंड समेत कई हिंदी बेल्ट के राज्यों की खबरें कवर कर रहे हैं।


विस्तृत बायो

परिचय और अनुभव: गौरव काला का भारतीय डिजिटल मीडिया जगत में एक दशक से अधिक का अनुभव है। वह वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वर्तमान में, वह 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में स्टेट टीम सेक्शन का हिस्सा हैं। पिछले पांच वर्षों से वह पहले होम टीम का हिस्सा रहे और अब बड़ी बखूबी से स्टेट टीम में अपनी जिम्मेदारी को निभा रहे हैं। उन्हें डिजिटल पाठकों की पसंद और बदलती प्रवृत्तियों (Trends) को समझने में विशिष्ट महारत हासिल है। गौरव का करियर प्रिंट मीडिया से शुरू होकर टीवी जगत और डिजिटल मीडिया तक फैला हुआ है। यही वजह है कि उनकी खबरों में गहराई और सटीकता की झलक दिखती है।


शैक्षणिक पृष्ठभूमि और रिपोर्टिंग: गौरव मॉस कम्यूनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट हैं और यही उनकी सबसे बड़ी विशेषता है। पहले बी. ए. इन मॉस कम्यूनिकेशन और फिर आधुनिक पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन होने के कारण उनके पास खबरों की ठोस समझ है। 2011 में दैनिक जनवाणी अखबार में क्राइम रिपोर्टिंग से पत्रकारिता शुरू करने के बाद उन्होंने ईटीवी भारत में बतौर एंकर और स्क्रिप्ट राइटर पर तौर पर काम किया। 2015 में डिजिटल पत्रकारिता में एंट्री लेते हुए अमर उजाला और दैनिक जागरण जैसे संस्थानों में काम किया। इस दौरान उन्होंने न सिर्फ राष्ट्रीय बल्कि अंतरराष्ट्रीय खबरों को भी कवर किया, बल्कि आकर्षक लेखनी से पाठकों के बीच लोकप्रियता बनाई।


सितंबर 2021 में गौरव लाइव हिन्दुस्तान की नेशनल टीम के साथ जुड़े। तब से वह न सिर्फ राष्ट्रीय बल्कि अंतरराष्ट्रीय, वायरल समाचार और मौसम संबंधी खबरों पर विशेष ध्यान दे रहे हैं, बल्कि राजनीतिक, रिसर्च बेस स्टोरीज भी कवर कर रहे हैं। अपनी मजबूत लेखनी के दम पर वह खबरों को आकर्षक नए कलेवर के साथ आम जनता तक पहुंचा रहे हैं।


डिजिटल ट्रेंड्स के साथ रिपोर्टिंग: डिजिटल प्लेटफॉर्म पर बदलते ट्रेंड्स को समझना गौरव की बड़ी ताकत है। वायरल खबरों, सोशल मीडिया ट्रेंड्स और इंटरनेट कल्चर से जुड़े विषयों को वह तथ्यात्मक जांच और संतुलित प्रस्तुति के साथ सामने रखते हैं। उनकी यही क्षमता उन्हें क्लिक-बेस्ड नहीं, बल्कि कंटेंट-बेस्ड पत्रकार बनाती है। इसके अलावा वह राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय राजनीति से जुड़े मुद्दों को तथ्यात्मक गहराई और संतुलित दृष्टिकोण के साथ प्रस्तुत करते हैं।


पत्रकारिता का उद्देश्य: गौरव के लिए पत्रकारिता केवल खबर देने का माध्यम नहीं, बल्कि समाज के प्रति जिम्मेदारी है। उनका मानना है कि पत्रकारिता का मूल उद्देश्य सत्य और जनहित को प्राथमिकता देते हुए पाठकों तक सही जानकारी पहुंचाना है। वह अपनी लेखनी से सत्ता, समाज और आम जनता के बीच एक मजबूत और भरोसेमंद सेतु बनाने में विश्वास रखते हैं।


विशेषज्ञता (Areas of Expertise):

राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय समाचार
वायरल और ट्रेंडिंग कंटेंट
राजनीतिक और रिसर्च-आधारित स्टोरीज
हेडलाइन और न्यूज़ प्रेजेंटेशन

और पढ़ें

लेटेस्ट   Hindi News ,    बॉलीवुड न्यूज,   बिजनेस न्यूज,   टेक ,   ऑटो,   करियर , और   राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।