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डॉ. आंबेडकर की प्रतिमा हटाने के लिखित आदेश ग्रामीणों को नहीं दिखाये जा रहेःनेता प्रतिपक्ष

ग्राम गुलड़िया रतनपुरा में बाबा साहेब आंबेडकर की प्रतिमा हटाने के कोर्ट के आदेश के बाद से जारी हुआ विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। हालांकि लोगों के...

डॉ. आंबेडकर की प्रतिमा हटाने के लिखित आदेश ग्रामीणों को नहीं दिखाये जा रहेःनेता प्रतिपक्ष
हिन्दुस्तान टीम,काशीपुरWed, 12 Jun 2024 06:15 PM
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बाजपुर, संवाददाता। ग्राम गुलड़िया रतनपुरा में बाबा साहेब आम्बेडकर की प्रतिमा हटाने को लेकर शुरू हुआ विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। हालांकि लोगों के विरोध के चलते प्रशासन प्रतिमा को नहीं हटा पाया है। अब इस मुद्दे पर नेता प्रतिपक्षा भी ग्रामीणों के समर्थन में आ गए हैं। बुधवार को गांव में उन्होंने ग्रामीणों के साथ बाबा साहेब की प्रतिमा के सामने करीब एक घंटे तक धरना प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि वह न्यायालय के आदेशों का सम्मान करते हैं लेकिन अधिकारी न्यायालय के आदेशों को जनता के सामने न रखकर उसे छिपाने का काम कर रहे हैं। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि वह गांव के लोगों के साथ उच्च न्यायालय की शरण में जाएंगे और न्याय की अपील करेंगे।

बुधवार को नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य सुबह 11.45 बजे ग्राम गुलड़िया पहुंचे। यहां पर उन्होंने सबसे पहले बाबा साहेब की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। वहीं ग्रामीणों के साथ ही धरने पर बैठे। यशपाल आर्य ने कहा कि बाबा साहेब डॉ. आम्बेडकर की प्रतिमा ग्रामीणों के सामूहिक प्रयासों से लगाई गई है। प्रशासन का कहना है कि उच्च न्यायालय के निर्देश हैं कि इस प्रतिमा को यहां से स्थानांतरित किया जाये लेकिन न्यायालय का ऐसा कोई आदेश लिखित तौर पर ग्रामीणों को नहीं दिखाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हद हो जाती है जब प्रशासन रात के अंधेरे में प्रतिमा को हटाने के मौखिक आदेश देता है और जब ग्रामीण इसका विरोध करते हैं तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की धमकी दी जाती है। उन्होंने कहा कि तथाकथित नेता जिनका बाजपुर से कोई सरोकार नहीं है वो रतनपुरा के जनप्रतिनिधियों को धमकाते हैं और भूमि खाली करने का दबाव बनाते हैं। नैनीताल के पूर्व विधायक संजीव आर्य ने कहा कि भाजपा के लोग बाबा साहेब के संविधान को खत्म करने की बातें करते हैं और उन्हीं की पार्टी के नेता बाबा साहेब की प्रतिमा को हटाने के लिये कोर्ट का दरवाजा खटखटाते हैं। उन्होंने कहा कि आखिर प्रशासन ये तो बताये कि वो कौन से शख्स हैं जो बाबा साहेब की प्रतिमा उखाड़ने के लिये कोर्ट की शरण में गये। उस व्यक्ति को बाबा साहेब की प्रतिमा से ऐसी क्या आपत्ति है लेकिन इसका जवाब प्रशासन नहीं देगा। उन्होंने कहा कि जिस दिन उस नाम का खुलासा होगा उस दिन पता चलेगा कि वो कौन से राजनैतिक दल के नेता है उनकी विचारधारा क्या है। उन्होंने कहा कि वह हमेशा पीड़ितों के साथ खड़े रहेंगे ग्रामीणों को चिंता करने की जरूरत नही है। वहीं अन्य लोगों ने भी मंच को संबोधित किया। संचालन डीके जोशी ने किया। यहां राजकुमार, बीडीसी प्रदीप सागर, पवन शर्मा, महक सिंह, राजपाल, दिनेश कुमार, किरन पाल, महीलाल गौतम, उयराज, होशियार सिंह, राजेंद्र, रोहित, मित्रपाल, रवि ढिंगरा, राजकिशोर, कुंवरपाल, प्रेम सिंह, पीर सिंह, हाजी अमीर अहमद, सुनील, प्रताप, सुखराम, नरेश, हरपाल, चंद्रभान, राजवीर गुरजीत आदि मौजूद रहे।

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