Pollution should be calculated by considering the entire state as the basis - पूरे राज्य को आधार मानकर प्रदूषण की गणना होनी चाहिए DA Image
13 दिसंबर, 2019|3:13|IST

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पूरे राज्य को आधार मानकर प्रदूषण की गणना होनी चाहिए

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शुक्रवार को जारी बयान में केजीसीसीआई के अध्यक्ष अशोक बंसल ने कहा विषम भौगोलिक परिस्थितियों के कारण राज्य में देहरादून, हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर ही ऐसे जिले हैं जहां उद्योगों की स्थापना की जा सकती है। बताया कि मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह को चैंबर ने अवगत कराया है कि राज्य पर्यावरण संरक्षण एवं प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को एनजीटी से जो नोटिस मिला है, उसका असर एकीकृत औद्योगिक आस्थान पंतनगर, रुद्रपुर पर ही पड़ेगा। पूरा ऊधमसिंह नगर उससे प्रभावित नहीं होगा। चैंबर अध्यक्ष ने बताया कि मुख्य सचिव ने राज्य स्तरीय उद्योग मित्र की बैठक कुमाऊं में कराने की मांग पर सहमति दी है। बताया कि उन्होंने नये उद्योगों की स्थापना के लिये 12 एकड़ या अधिक भूमि खरीद की अनुमति शासन से देने की मांग की, जिस पर मुख्य सचिव ने सकारात्मक निर्णय का आश्वासन दिया।

इन्वेस्टमेंट पॉलिसी का लाभ 2023 तक दें

बंसल ने बताया कि उत्तराखंड में मेगा इंडस्ट्रियल एवं इन्वेस्टमेंट पॉलिसी 2015 में छूट और प्रोत्साहनों का लाभ उन्हीं उद्योगों को मिलेगा जो 31 मार्च 2020 तक उत्पादन शुरू कर देंगे। बताया कि चैंबर ने मुख्य सचिव को जानकारी दी कि उद्योगों को स्थापित करने में कम से कम से तीन वर्ष का समय लगता है। इसलिए निर्धारित पॉलिसी में उद्योगों को चालू करना संभव नहीं है। चैंबर अध्यक्ष ने पॉलिसी में वाणिज्य उत्पादन करने की समय सीमा 31 मार्च 2020 से बढ़ाकर कम से कम 31 मार्च 2023 तक करने की मांग की। मुख्य सचिव ने अवगत कराया है कि इस संबंध में शासन स्तर पर विचार चल रहा है।

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