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गुरुद्वारा नानकसर में निहंगों ने गतका-घुड़ दौड़ के जौहर दिखाए

गुरुद्वारा नानकसर ठाठ गजरौला में शिरोमणि पंथ अकाली तरना दल के जत्थेदार बाबा गुरबक्श सिंह की अगुवाई में निहंग सिंघों ने महल्ला खेला। इसमें खालसा फौज...

गुरुद्वारा नानकसर में निहंगों ने गतका-घुड़ दौड़ के जौहर दिखाए
हिन्दुस्तान टीम,काशीपुरFri, 08 Dec 2023 07:30 PM
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गुरुद्वारा नानकसर ठाठ गजरौला में शिरोमणि पंथ अकाली तरना दल के जत्थेदार बाबा गुरबक्श सिंह की अगुवाई में निहंग सिंघों ने महल्ला खेला। इसमें खालसा फौज ने घुड़ दौड़, नेजे बाजी, तलवार बाजी आदि युद्ध कला का प्रदर्शन किया। घुड़सवारों ने घोड़ों पर विभिन्न युद्ध कलाओं को दिखाते हुए युद्ध कौशल का प्रदर्शन किया। इस दौरान बड़ी संख्या में क्षेत्र की संगत एकत्र हुई।
गुरुद्वारा श्री नानकसर ठाठ गजरौला में प्रत्येक वर्ष 1 से 7 दिसंबर तक गुरु मान्यो ग्रंथ समागम का आयोजन होता है। इस आयोजन के समापन के अगले दिन शुक्रवार को शिरोमणि पंथ अकाली तरना दल ने मुख्य सेवादार बाबा प्रताप सिंह की देखरेख में अपने जौहर दिखाए। निहंग सिंघों ने गतका खेलते हुए खालसा फौज के विभिन्न कार्यक्रम दिखाए। खालसा फौज ने घुड़ दौड़, नेजे बाजी, तलवार बाजी आदि युद्ध कला का प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन को देखकर मौजूद छोटे बच्चों और बड़ों ने अपने दांतों तले अंगुली दबा ली। युद्ध कला का ऐसा प्रदर्शन देख सभी ने जो बोले सो निहाल, सत श्री अकाल के जयकारे लगाने लगाए। वहीं बाबा प्रताप सिंह ने बताया कि मजलूमों की रक्षा करने के लिए दशम पिता श्री गुरु गोबिंद सिंह जी महाराज ने सिंघों की सेना बनाई थी। उस सेना का एक-एक सिंघ सैकड़ों मुगलों पर भारी पड़ता था। उसी सेना की युद्ध एवं शस्त्र कला को आज यहां शिरोमणि पंथ अकाली तरना दल के सिंघों ने प्रदर्शित किया है।

नेत्र परीक्षण का शिविर लगाया

गुरुद्वारा परिसर में प्रभु नेत्रालय रुद्रपुर की टीम द्वारा नेत्र परीक्षण का शिविर लगाकर विभिन्न लोगों के नेत्रों का परीक्षण किया और होम्योपैथिक डॉक्टर तिरलोचन सिंह ने लोगों को होम्योपैथिक दवाइयां वितरित कीं। वहीं मुख्य सेवादार बाबा प्रताप सिंह ने निहंग सिंघ जत्थे, चिकित्सा शिविर लगाने वाली टीम और पत्रकार बंधुओ सहित सेवादारों को सिरोपा देकर सम्मानित किया। इस मौके पर बाबा जयमल सिंह, जत्थेदार जोबन सिंह,भाई हरमीत सिंह भाई अनमोल सिंह, हरपाल सिंह राणा सुखविंदर सिंह रंधावा देवेंद्र सिंह रणजीत सिंह मांगा तेजेश्वर चीमा कुलदीप सिंह जसमीत सिंह मोहन सिंह, हरदयाल सिंह आदि थे।

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