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5 दिसंबर, 2020|8:47|IST

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नबी की सुन्नतों पर अमल करें मुसलमान

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जसपुर। हमारे संवाददाता

मोहम्मद साहब की यौमे पैदाइश का जश्न घरों पर ही मनाया गया। मुस्लिमों ने जगह-जगह नियाज कर गरीबों को खाना बांटा। वहीं, नमाजे जुमा से पहले उलेमाओं ने नबी के बारे में बताकर उनकी सुन्नतों पर अमल करने को कहा। नगर में जुलूसे मोहम्मदी नहीं निकाला गया।

गुरुवार को बारी चौक पर जुलूस मोहम्मदी की पूर्व संध्या पर होने वाला तकरीरी प्रोग्राम कोरोना के चलते स्थगित हो गया। शुक्रवार को जुलूसे मोहम्मदी भी नहीं निकाला गया। मुस्लिमों ने घरों पर रहकर ही यौमे पैदाइश का जश्न मनाया। पालिकाध्यक्ष प्रतिनिधि हाजी जाहिद, हाजी राशिद, लकड़ी मंडी एसो. अध्यक्ष शाहनवाज आलम, नईम प्रधान, नौशाद सम्राट समेत लकड़ी मंडी, गली मोहल्ले एवं अपने अपने प्रतिष्ठानों पर लोगों ने नियाज कर गरीबों को खाना बांटकर खुदा से दुआयें कीं। उलेमाओं ने मस्जिदों में हुजूर मोहम्मद साहब के बारे में बताया। कहा कि नबी ने इंसानियत के उसूलों पर चलने का सबक दिया है। मोहब्बत और आपसी भाईचारे का पैगाम पूरी दुनिया में नबी ने ही दिया है। उलेमाओं ने कहा कि मुस्लिम आपसी सदभाव से रहकर दीन एवं मुल्क की खिदमत करें। साथ ही ऐसी चीजों से परहेज करें जिससे इस्लाम ओर कौम पर धब्बा लगता हो। उन्होंने कहा कि नबी के बताये रास्ते पर चलेंगे तो मुल्क एवं कौम दोनों को तरक्की मिलेगी। उलेमाओं ने खुदा से कोरोना वायरस से बचाने को भी दुआयें मांगी। वहीं, ईदमिलादुन्नबी को लेकर पुलिस पूरी तरह से अलर्ट रही। कोतवाल एनबी भट्ट ने बताया कि पूरे क्षेत्र में पर्व शांतिपूर्वक तरीके से मनाया गया।

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  • Web Title:Muslims follow the Sunnis of the Prophet