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योजना से कांग्रेस को परेशानी, जनता को फायदा: जोशी

योजना से कांग्रेस को परेशानी, जनता को फायदा: जोशी

संक्षेप:

रुद्रपुर में कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने विकसित भारत-जी राम जी योजना की जानकारी दी। यह योजना ग्रामीण विकास और रोजगार सृजन को बढ़ावा देगी। हर साल 125 दिनों की रोजगार गारंटी मिलेगी। योजना में विभागों का एकीकरण होगा और पारदर्शिता सुनिश्चित की जाएगी। मंत्री ने कांग्रेस के आरोपों का जवाब दिया।

Feb 09, 2026 08:40 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, काशीपुर
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रुद्रपुर, संवाददाता। सोमवार को मंडी निदेशालय पहुंचे जिला प्रभारी एवं कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने पत्रकार वार्ता के दौरान विकसित भारत-जी राम जी योजना की विशेषताओं को विस्तार से रखा। उन्होंने कहा कि योजना से कांग्रेस को परेशान है, जबकि जनता को फायदा है। मंडी परिषद के कॉन्फ्रेंस हॉल में आयोजित प्रेसवार्ता में कैबिनेट मंत्री जोशी ने कहा कि यह योजना ग्रामीण क्षेत्रों के विकास और रोजगार सृजन को नई दिशा देगी। योजना के तहत प्रत्येक वित्तीय वर्ष में 125 दिनों की रोजगार गारंटी प्रदान की जाएगी। योजना के अंतर्गत विभिन्न विभागों का एकीकरण किया गया है। गांवों में होने वाले सभी विकास कार्य विकसित भारत राष्ट्रीय ग्रामीण अवसंरचना स्टैक पर एकत्रित होंगे, जिससे कार्यों में दोहराव समाप्त होगा, विभागों के बीच बेहतर समन्वय बनेगा और पारदर्शिता के साथ भ्रष्टाचार पर प्रभावी रोक लगेगी।

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पंचायतों को विकास मानकों के आधार पर ए, बी और सी श्रेणियों में बांटकर पीएम गति-शक्ति के साथ एकीकृत विकसित ग्राम पंचायत योजनाएं तैयार की जाएंगी। मंत्री ने बताया कि योजना के तहत चार प्रमुख श्रेणियों में कार्य कराए जाएंगे। पहली श्रेणी जल सुरक्षा से जुड़ी है, जिसमें जल संरक्षण, सिंचाई, भूजल पुनर्भरण, तालाबों व जल स्रोतों का पुनर्जीवन, चेकडैम, वॉटर हार्वेस्टिंग और वृक्षारोपण जैसे कार्य शामिल हैं। दूसरी श्रेणी ग्रामीण अवसंरचना से संबंधित है, जिसमें ग्रामीण सड़कें, पुलिया, पंचायत भवन, आंगनबाड़ी केंद्र, श्मशान घाट, पेयजल, स्वच्छता, स्कूल और स्वास्थ्य सुविधाओं का विकास किया जाएगा। तीसरी श्रेणी आजीविका संबंधी अवसंरचना की है, जिसमें कृषि, पशुपालन, मत्स्य पालन, स्वयं सहायता समूह, ग्रामीण हाट, भंडारण भवन और कौशल विकास से जुड़े कार्य होंगे। चौथी श्रेणी आपदा प्रबंधन और चरम मौसम से निपटने के लिए विशेष कार्यों की है। उन्होंने बताया कि बुवाई और कटाई के दौरान 60 दिनों तक योजना के कार्य नहीं होंगे, जिससे कृषि गतिविधियां प्रभावित न हों। योजना केंद्र प्रायोजित होगी और उत्तराखंड जैसे हिमालयी राज्यों के लिए केंद्र व राज्य का अनुपात 90:10 रहेगा। डिजिटल निगरानी और बायोमेट्रिक उपस्थिति से पारदर्शिता सुनिश्चित की जाएगी। मनरेगा के नाम बदलने को लेकर कांग्रेस के आरोपों पर पलटवार करते हुए मंत्री ने कहा कि अगर सरकार की नीयत में कोई कमी होती तो परेशानी किसानों और मजदूरों को होती, लेकिन परेशानी कांग्रेस को है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस झूठ और भ्रम फैला रही है, जबकि जनता उनके बहकावे में आने वाली नहीं है।