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7 अप्रैल, 2021|4:05|IST

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काशीपुर में बिजली दफ्तर में किसानों ने दिया धरना

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बिजली की तारों के आपस में टकराने से जली गेहूं की फसल के मुआवजे की मांग को लेकर किसानों ने बिजली दफ्तर में धरना दिया। इस दौरान उन्होंने आरोप लगाया ऊर्जा निगम की लापरवाही की चलते किसानों को नुकसान उठाना पड़ रहा है।

चार अप्रैल को ग्राम कुआंखेड़ा निवासी हरदीप सिंह के गेहूं के खेत में आग लग गई थी। गांव के युवकों ने तत्परता दिखाते हुए ट्रैक्टरों से खेत जोतकर आग पर काबू पाया था। अग्निकांड में हरदीप की करीब डेढ़ एकड़ गेहूं की फसल जलकर राख हो गई थी। बुधवार को भाकियू युवा विंग के प्रदेश अध्यक्ष रविंद्र राणा के नेतृत्व में किसानों ने ऊर्जा निगम के ईई कार्यालय में धरना-प्रदर्शन किया। उन्होंने आरोप लगाया किसान के खेत के ऊपर से बिजली की लाइन गुजर रही है। कई बार अधिकारियों को अवगत कराया गया, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। लाइन में शॉर्ट-सर्किट होने से खेत में आग लग गई और किसान को करीब 60 हजार रुपये का नुकसान हुआ है। कहा अन्य स्थानों पर भी ऊर्जा निगम की लापरवाही से आग की घटनाएं हो चुकी हैं। किसानों ने ऐसे मामलों में नुकसान की भरपाई के लिये मुआवजा देने की मांग की। इधर, ईई अनिल वर्मा ने जली फसलों का सर्वे कराकर 10-15 दिन में मुआवजा दिलाने का आश्वासन दिया। इस पर किसानों ने धरना समाप्त कर दिया।यहां उपकार सिंह, हरदीप सिंह, मक्खन सिंह, गुरदेव सिंह, मुख्त्यार सिंह, जोगा सिंह, सुखविंदर सिंह, विक्रम सिंह, मंदीप सिंह रहे।

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  • Web Title:Farmers protest in Kashipur 39 s power office