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22 सितम्बर, 2020|7:09|IST

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डाक्टर पर गर्भवती को गलत खून चढ़ाने का आरोप

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सरकारी अस्पताल की लैब टेक्निशियन ने गर्भवती के कार्ड पर गलत ब्लड ग्रुप लिख दिया। इससे निजी अस्पताल की डाक्टर ने कार्ड देखकर उसी ग्रुप का ब्लड गर्भवती को चढ़ा दिया। गलत खून चढ़ाए जाने से महिला की हालत बिगड़ गई। किसी तरह उसकी डिलीवरी तो करा ली गई। लेकिन, बाद में महिला को मरणासन्न स्थिति में मुरादाबाद के एक निजी अस्पताल में भर्ती करवाया गया। महिला की हालत में सुधार होने के बाद वह अपने पति के साथ विधायक से मिली। विधायक ने अस्पताल पहुंचकर एसडीएम एवं एमएस को बुलाकर मामले में जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाही करने की बात कही। दोषियों पर कार्रवाई के आश्वासन पर ही मामला निपटा।बता दें ग्राम गढ़ी हुसैन निवासी सविता रानी मई में गर्भवती थी। प्रसव के लिए उसके गांव की आशा कार्यकत्री ने सरकारी अस्पताल में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत मातृ एवं बाल सुरक्षा कार्ड बनवाया था। ब्लड ग्रुप चेक करने वाली महिला टेक्नीशियन ने उसकी पत्नी के कार्ड पर उसका ब्लड ग्रुप ए पॉजिटिव लिख दिया। जबकि उसका ब्लड ग्रुप बी पॉजिटिव था। पांच मई को गर्भवती को ग्राम पंचायत की आशा कार्यकत्री सरकारी अस्पताल लेकर आई। महिला डाक्टर ने खून कम होने की बात कहते हुए डिलीवरी से इंकार कर दिया। तब महिला का पति अजय उसे नगर के एक प्राइवेट अस्पताल में ले गया। अस्पताल की महिला डाक्टर ने ब्लड ग्रुप चेक किए बिना ही अपने घर पर महिला को ब्लड चढ़ा दिया। बताते हैं किसी तरह से महिला की डिलीवरी तो हो गई लेकिन इसके तीन चार दिन बाद महिला की हालत बिगड़ गई। तब महिला डाक्टर ने कुछ ब्लड और मंगा कर उसे चढ़ा दिया। इससे हालात और बिगड़ गए। तब अजय कुमार बीमार महिला को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पतरामपुर ले गया। हालत बिगड़ने पर उसे मुरादाबाद रेफर कर दिया गया। मुरादाबाद प्राइवेट अस्पताल में उसका इलाज हुआ। अस्पताल में महिला के पति को जानकारी हुई उसकी पत्नी का ब्लड ग्रुप बी पॉजिटिव है। जबकि उसे ए ब्लड ग्रुप का ब्लड चढ़ा दिया गया। गलत खून चढ़ने से उसकी पत्नी की हालत गंभीर बनी हुई है।

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  • Web Title:Doctor accused of giving wrong blood to pregnant