50 घंटे से बिना खाए-पिए पानी की टंकी पर नर्सिंग बेरोजगार, खुद पर उड़ेला पेट्रोल; 4 ICU में एडमिट
देहरादून में नर्सिंग बेरोजगार 50 घंटे से अधिक समय से बिना खाए-पिए पानी की टंकी पर चढ़े हैं। महिला प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने खुद पर पेट्रोल उड़ेल दिया। अब तक 12 की तबीयत बिगड़ी और चार को आईसीयू में भर्ती कराना पड़ा है।

उत्तराखंड में दो हजार नर्सिंग अधिकारियों की वर्षवार भर्ती की मांग को लेकर नर्सिंग बेरोजगारों का आंदोलन उग्र हो गया है। नर्सिंग दिवस के मौके पर करीब 50 घंटे बाद भी चार बेरोजगार एवं महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रौतेला सर्वे चौक स्थित पानी की टंकी पर चढ़ी रहीं। तब प्रदर्शन के दौरान अफरा-तफरी मच गई जब ज्योति रौतेला ने अपने ऊपर पेट्रोल उड़ेलकर आत्मदाह का प्रयास किया, लेकिन साथियों ने उन्हें बचा लिया। इससे पुलिस-प्रशासन में हड़कंप मच गया। कई थानों की फोर्स मौके पर तैनात कर दी गई।
देहरादून के नर्सिंग एकता मंच के बैनर तले नर्सिंग बेरोजगार 159 दिनों से आंदोलनरत हैं। अनशन में अब तक 12 बेरोजगारों की तबीयत बिगड़ी और चार को आईसीयू में भर्ती कराना पड़ा है, वहीं अन्य सामान्य वार्डों में भर्ती रहे।
11 मई को प्रदर्शन शुरू हुआ
बता दें कि सोमवार को आंदोलन ने उग्र रूप ले लिया था। कांग्रेस नेता ज्योति रौतेला समेत नर्सिंग बेरोजगार विनोद, आनंद पाल, कविता पुंडीर, धर्मेंद्र सुबह पांच बजे टंकी पर चढ़ गए थे। अन्य बेरोजगार टंकी के नीचे धरने पर बैठे।
डीजी हेल्थ से वार्ता विफल, टंकी से नहीं उतरे बेरोजगार
डीजी हेल्थ डॉ. सुनीता टम्टा, सीडीओ अभिनव शाह से नर्सिंग बेरोजगारों और कांग्रेस नेताओं से वार्ता हुई। ज्योति रौतेला से भी फोन पर बात की। डीजी ने वर्षवार भर्ती का प्रस्ताव बनाकर शासन भेजने का आश्वासन दिया। लेकिन बेरोजगार नहीं माने। रात 1:30 बजे खबर लिखे जाने तक 44 घंटे बाद भी वह टंकी पर चढ़े थे। नर्सिंग एकता मंच के अध्यक्ष नवल पुंडीर ने कहा कि मांग पूरी नहीं होने तक आंदोलन जारी रहेगा।
मेडिकल कॉलेजों में जल्द बनेगी नर्सिंग नियमावली
स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल ने राजकीय मेडिकल कॉलेजों में कार्यरत नर्सिंग अधिकारियों के लिए जल्द ही नई सेवा नियमावली तैयार किए जाने का ऐलान किया। दून अस्पताल में नर्सिंग दिवस पर मंगलवार को आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने नर्सिंग स्टाफ की सुविधा के लिए हॉस्टल निर्माण का भी आश्वासन दिया।
मंगलवार को दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल में अंतरराष्ट्रीय नर्सिंग दिवस पर नर्सिंग अधिकारियों की ओर से कार्यक्रम में मंत्री उनियाल ने कहा कि नर्सिंग एक पवित्र पेशा है और सिस्टर शब्द की भावना धरातल पर दिखाई देनी चाहिए। मौके पर निदेशक डॉ. अजय आर्य, अपर निदेशक डॉ. आरएस बिष्ट, प्राचार्य डॉ. गीता जैन, डीएमएस डॉ. एनएस बिष्ट आदि मौजूद रहे।
व्यवहार सुधार कर कॉर्पोरेट को देंगे मात
अस्पताल के निदेशक, प्राचार्य और अपर निदेशक ने नर्सिंग अधिकारियों के कार्यों की सराहना करते हुए उन्हें मदरली केयर का प्रतीक बताया। वक्ताओं ने कहा कि नर्सिंग स्टाफ डॉक्टर की आंखें होता है। यदि व्यवहार में सुधार किया और मरीज देवो भव की नीति पर काम हो, तो सरकारी अस्पताल कॉर्पोरेट अस्पतालों को भी पीछे छोड़ देंगे। सोशल बिहेवियर ट्रेनिंग के जरिए संवाद शैली को बेहतर बनाने पर जोर दिया।
नाइटिंगेल को दी श्रद्धांजलि
इधर, चिकित्सा शिक्षा नर्सिंग सेवा संघ की ओर से नर्सिंग अधीक्षिका कार्यालय में फ्लोरेंस नाइटिंगेल के चित्र पर पुष्प अर्पित कर और दीप जलाकर श्रद्धांजलि दी गई। एएनएस दीपशिखा और अध्यक्ष नीलम अवस्थी के नेतृत्व में नर्सिंग अधिकारियों ने उनके पदचिन्हों पर चलने का संकल्प लिया। हालांकि, नर्सिंग अधिकारियों के इस गुट ने मंत्री के मुख्य कार्यक्रम से किनारा किया, जो चर्चा का विषय रहा।
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