ITBP के साॅफ्टवेयर की खामी बनी परेशानी, बीमा क्लेम के लिए 16 साल भटकती रही दिवंगत जवान की मां

Mar 03, 2026 11:42 am ISTPraveen Sharma हिन्दुस्तान, देहरादून, संतोष चमोली
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भारत तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) के साॅफ्टवेयर की खामी की वजह से एक दिवंगत जवान की मां को 16 साल तक बीमा पॉलिसी का क्लेम नहीं मिल पाया। मामला जिला उपभोक्ता फोरम से लेकर राज्य उपभोक्ता आयोग तक पहुंचा। अब जाकर आईटीबीपी बीमा क्लेम की राशि का भुगतान ब्याज सहित करेगा।

ITBP के साॅफ्टवेयर की खामी बनी परेशानी, बीमा क्लेम के लिए 16 साल भटकती रही दिवंगत जवान की मां

भारत तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) के साॅफ्टवेयर की खामी की वजह से एक दिवंगत जवान की मां को 16 साल तक बीमा पॉलिसी का क्लेम नहीं मिल पाया। मामला जिला उपभोक्ता फोरम से लेकर राज्य उपभोक्ता आयोग तक पहुंचा। अब जाकर आईटीबीपी बीमा क्लेम की राशि का भुगतान ब्याज सहित करेगा।

उत्तराखंड के पिथौरागढ़ के टकाना स्थित जागृति विहार निवासी मोहनी रावत के बेटे भूपेंद्र सिंह आईटीबीपी में थे। उन्होंने 2007 और 2008 की दो डाक बीमा पॉलिसी ली थीं। इनके अनुसार बीमित व्यक्ति की मृत्यु पर परिवार को नौ लाख रुपये मिलने थे।

सड़क हादसे में गई थी जान

फरवरी 2010 में भूपेंद्र सिंह की सड़क दुर्घटना में मौत हो गई। बीमा पॉलिसी का समय पर प्रीमियम जमा नहीं होने पर डाक विभाग ने बीमा क्लेम देने से इनकार कर दिया। भूपेंद्र सिंह की मां मोहनी रावत ने जिला उपभोक्ता फोरम पिथौरागढ़ में इसकी शिकायत की। जिला फोरम ने 2021 डाक विभाग और आईटीबीपी को बीमा क्लेम देने का आदेश दिया। डाक विभाग ने फैसले के खिलाफ राज्य उपभोक्ता आयोग में अपील की।

सुनवाई में आयोग ने पाया कि प्रीमियम का भुगतान भूपेंद्र सिंह के वेतन से होना था। शुरुआत में प्रीमियम वेतन से कटा भी, लेकिन बाद में साॅफ्टवेयर में खामी से इसकी कटौती बंद हो गई। इस वजह से डाक विभाग को प्रीमियम का भुगतान भी नहीं हुआ, जबकि भूपेंद्र की ओर से इस संबंध में पत्राचार भी किया गया था।

वापस होगी रकम

जिला फोरम के फैसले के अनुसार डाक विभाग ने बीमा क्लेम की राशि आयोग में जमा कर दी थी। राज्य उपभोक्ता आयोग ने अब बीमा क्लेम भुगतान करने की पूरी जिम्मेदारी आईटीबीपी की तय कर दी है। साथ ही आयोग में जमा रकम डाक विभाग को वापस लेने के आदेश आदेश दिए हैं।

डाक विभाग ने की थी अपील

जिला फोरम के फैसले के खिलाफ डाक विभाग ने राज्य उपभोक्ता आयोग में अपील की थी। डाक विभाग का तर्क था कि बीमा पॉलिसी को लेकर स्पष्ट है कि अगर प्रीमियम का भुगतान नहीं किया जाता है, तो वह लैप्स हो जाती है। डाक विभाग ने बीमा की किश्तें जमा नहीं होने पर पत्र भेजकर जानकारी दे दी थी।

आईटीबीपी को ब्याज के साथ देने होंगे नौ लाख

राज्य उपभोक्ता आयोग की अध्यक्ष कुमकुम रानी और सदस्य बीएस मनराल की पीठ ने डाक विभाग को राहत देते हुए आईटीबीपी के महानिदेशक को नौ लाख रुपये का बीमा क्लेम फरवरी 2012 से छह प्रतिशत ब्याज को जोड़ते हुए देने के आदेश दिए। साथ ही आईटीबीपी मोहनी रावत को हुए मानसिक कष्ट के लिए पांच हजार रुपये और वाद व्यय के रूप में पांच हजार रुपये का भी भुगतान करेगा।

Praveen Sharma

लेखक के बारे में

Praveen Sharma
प्रवीण शर्मा लाइव हिन्दुस्तान में स्टेट टीम का हिस्सा हैं। एक दशक से भी अधिक समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में सेवाएं दे रहे प्रवीण साल 2014 में डिजिटल पत्रकारिता में आने से पहले प्रिंट मीडिया में भी काम कर चुके हैं। प्रवीण ने अपने करियर की शुरुआत हरिभूमि अखबार से की थी और वर्ष 2018 में लाइव हिन्दुस्तान से जुड़े। प्रवीण मूलरूप से उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले के निवासी हैं, लेकिन इनका जन्म और स्कूली शिक्षा दिल्ली से हुई है। हालांकि, पत्रकारिता की पढ़ाई इन्होंने हरियाणा के हिसार स्थित गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय से की है। वह दिल्ली-एनसीआर की सियासी घटनाओं के साथ ही जन सरोकार से जुड़ी सभी छोटी-बड़ी खबरों पर भी पैनी नजर रखते हैं। और पढ़ें

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