मूसेवाला का बदला और टीटीएच मिशन; ISI एजेंट विक्रम की शहजाद भट्टी से कनेक्शन की पूरी कहानी
देहरादून में पकड़ा गया आईएसआई एजेंट विक्रम कश्यप लंबे समय से पाक आतंकी शहजाद भट्टी के संपर्क में था। उसे टीटीएच की जड़ें मजबूत करने का टास्क मिला था। वह खुद को मूसेवाला का फैन बताता है।

Pak ISI Agent Vikram Kashyap: देहरादून के छोटे से इलाके प्रेमनगर में गाड़ियां धोने का काम करने वाला विक्रम आईएसआई एजेंट निकला। हाल ही में रोडरेज केस के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ऑपरेशन प्रहार के निर्देश दिए हैं। जिसके बाद प्रदेश भर में पुलिस बाहरी लोगों की जांच के लिए सत्यापन अभियान चला रही है। इसी कड़ी में कुछ दिन पहले हरिद्वार में बांग्लादेश की सेहला बेगम पकड़ी गई और अब देहरादून में आईएसआई एजेंट। विक्रम कश्यप को लेकर चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है। पता लगा है कि वह तहरीक-ए-तालिबान की जड़े फैलाना चाहता था। वह सिद्धू मूसेवाला का बड़ा फैन था और सिंगर की हत्या के बाद बदला चाहता था। जिसके बाद पाक आतंकी शहबाज भट्टी के संपर्क में आया।
सुप्रीम कोर्ट के वकील पर हमले की प्लानिंग
टीटीएच का मंसूबा सिर्फ भारत में खौफ बनाना है। एसटीएफ की जांच में सामने आया है कि पाकिस्तानी हैंडलर्स ने विक्रांत को दिल्ली स्थित सुप्रीम कोर्ट के एक वकील और एक विशेष संगठन के कार्यकर्ताओं पर हैंड ग्रेनेड फेंकने को कहा था। लेकिन संसाधनों की कमी के चलते उसे फिलहाल देहरादून में ही एक्टिव रहने को कहा गया था।
टीटीएच के और स्लीपर सेल हो सकते हैं एक्टिव
स्थानीय नेटवर्क की बात करें तो सुरक्षा एजेंसियों की नींद सबसे ज्यादा इस बात ने उड़ाई है कि विक्रांत को दिल्ली टास्क के संपर्क के बाद बीते फरवरी में गुर्जर नाम के व्यक्ति ने पिस्टल और सात राउंड कारतूस दिए थे। गुर्जर का दून में असलहा डिलीवर करना इस बात का पुख्ता प्रमाण है कि टीटीएच के और भी स्लीपर सेल या हथियार तस्कर इस क्षेत्र में सक्रिय हैं। पुलिस और एसटीएफ गुर्जर की तलाश कर रही है। वहीं मुंबई में घटना के लिए आतंकी संगठन के लिए संपर्क किया। तब इसे भेजा नहीं गया।
एक साल पंजाब के नाभा में रहा
गिरफ्तार विक्रांत साल 2024-25 में एक वर्ष के लिए पंजाब के नाभा में भी रहा। वहां उसने ट्रक की बॉडी बनाने वाले के यहां काम किया। वहां कोई आतंकी कनेक्शन तो नहीं जुड़ा, एसटीएफ इस कड़ी को भी खंगलाने जा रही है।
प्रेमनगर में दीवारों पर लिखा टीटीएच
अपनी वफादारी साबित करने और दहशत फैलाने के लिए विक्रांत ने पिछले कुछ दिनों में प्रेमनगर के चार अलग-अलग स्थानों पर स्प्रे पेंट से दीवारों पर टीटीएच लिखा था। रात के अंधेरे में यह काम किया। सुभारती अस्पताल के पीछे की गली, सेलाकुई में एक फैक्ट्री की दीवार, झाझरा में बालाजी मंदिर के पास और आडवाणी पुल के समीप दीवारों पर उसने टीटीएच उकेरा। उसने दून पुलिस मुख्यालय सहित कई अहम इमारतों की वीडियो फुटेज पाकिस्तान भेज दी थीं।
कोडवर्ड : बम की जगह ‘आलू’
चैट की जांच से पता चला कि विक्रांत अपने पाकिस्तानी आकाओं से कोड वर्ड में बात करता था और अक्सर बम धमाकों के लिए आलू गिराने का जिक्र करता था। जांच एजेंसियों को विक्रांत के मोबाइल से कई विदेशी नंबर (+44, +971, +92 कोड वाले) और व्हाट्सएप चैट मिली हैं। इन चैट में साफ तौर पर आपराधिक साजिशों का जिक्र है। वह कोड वर्ड में बम को आलू कहता था और चैट में जल्द ही आलू गिराने का टास्क पूरा करने का दावा करता था।
मूसेवाला की हत्या के बाद मोहरा बना विक्रांत
प्रेमनगर के झाझरा में वाहन धुलाई का काम करने वाला विक्रांत आतंकी नेटवर्क का मोहरा बन गया। विक्रांत पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला का बड़ा प्रशंसक था। मूसेवाला की हत्या के बाद वह अंदर से आक्रोशित था। इसी भावना का फायदा पाकिस्तान में बैठे आतंकी आका शहजाद भट्टी ने उठाया।
विक्रम को भड़काऊ पोस्ट भेजता था आतंकी शहजाद
शहजाद ने मूसेवाला की हत्या का बदला लेने के लिए इंस्टाग्राम पर कुछ भड़काऊ रील और पोस्ट शेयर की थीं। इन पोस्ट ने विक्रांत को इस कदर प्रभावित किया कि उसने भट्टी के संगठन के सोशल मीडिया पेज को फॉलो करना शुरू कर दिया। और व्हाट्एप से नंबर का आदान प्रदान हुआ। आकाओं ने विक्रांत को भरोसा दिलाया कि अगर वह उनका टास्क पूरे करेगा, तो उसे नई पहचान (पासपोर्ट) दिलाकर नेपाल के रास्ते सीधे दुबई में सेटल कर दिया जाएगा और वहां उसे मुंहमांगी रकम मिलेगी।
लेखक के बारे में
Gaurav Kalaगौरव काला: वरिष्ठ पत्रकार और स्टेट टीम सदस्य
संक्षिप्त विवरण: गौरव काला पिछले 15 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान में स्टेट टीम का हिस्सा हैं। वह विशेष रूप से हिमालयी राज्य उत्तराखंड के अलावा, दिल्ली-एनसीआर, मध्यप्रदेश, झारखंड समेत कई हिंदी बेल्ट के राज्यों की खबरें कवर कर रहे हैं।
विस्तृत बायो
परिचय और अनुभव: गौरव काला का भारतीय डिजिटल मीडिया जगत में एक दशक से अधिक का अनुभव है। वह वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वर्तमान में, वह 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में स्टेट टीम सेक्शन का हिस्सा हैं। पिछले पांच वर्षों से वह पहले होम टीम का हिस्सा रहे और अब बड़ी बखूबी से स्टेट टीम में अपनी जिम्मेदारी को निभा रहे हैं। उन्हें डिजिटल पाठकों की पसंद और बदलती प्रवृत्तियों (Trends) को समझने में विशिष्ट महारत हासिल है। गौरव का करियर प्रिंट मीडिया से शुरू होकर टीवी जगत और डिजिटल मीडिया तक फैला हुआ है। यही वजह है कि उनकी खबरों में गहराई और सटीकता की झलक दिखती है।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि और रिपोर्टिंग: गौरव मॉस कम्यूनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट हैं और यही उनकी सबसे बड़ी विशेषता है। पहले बी. ए. इन मॉस कम्यूनिकेशन और फिर आधुनिक पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन होने के कारण उनके पास खबरों की ठोस समझ है। 2011 में दैनिक जनवाणी अखबार में क्राइम रिपोर्टिंग से पत्रकारिता शुरू करने के बाद उन्होंने ईटीवी भारत में बतौर एंकर और स्क्रिप्ट राइटर पर तौर पर काम किया। 2015 में डिजिटल पत्रकारिता में एंट्री लेते हुए अमर उजाला और दैनिक जागरण जैसे संस्थानों में काम किया। इस दौरान उन्होंने न सिर्फ राष्ट्रीय बल्कि अंतरराष्ट्रीय खबरों को भी कवर किया, बल्कि आकर्षक लेखनी से पाठकों के बीच लोकप्रियता बनाई।
सितंबर 2021 में गौरव लाइव हिन्दुस्तान की नेशनल टीम के साथ जुड़े। तब से वह न सिर्फ राष्ट्रीय बल्कि अंतरराष्ट्रीय, वायरल समाचार और मौसम संबंधी खबरों पर विशेष ध्यान दे रहे हैं, बल्कि राजनीतिक, रिसर्च बेस स्टोरीज भी कवर कर रहे हैं। अपनी मजबूत लेखनी के दम पर वह खबरों को आकर्षक नए कलेवर के साथ आम जनता तक पहुंचा रहे हैं।
डिजिटल ट्रेंड्स के साथ रिपोर्टिंग: डिजिटल प्लेटफॉर्म पर बदलते ट्रेंड्स को समझना गौरव की बड़ी ताकत है। वायरल खबरों, सोशल मीडिया ट्रेंड्स और इंटरनेट कल्चर से जुड़े विषयों को वह तथ्यात्मक जांच और संतुलित प्रस्तुति के साथ सामने रखते हैं। उनकी यही क्षमता उन्हें क्लिक-बेस्ड नहीं, बल्कि कंटेंट-बेस्ड पत्रकार बनाती है। इसके अलावा वह राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय राजनीति से जुड़े मुद्दों को तथ्यात्मक गहराई और संतुलित दृष्टिकोण के साथ प्रस्तुत करते हैं।
पत्रकारिता का उद्देश्य: गौरव के लिए पत्रकारिता केवल खबर देने का माध्यम नहीं, बल्कि समाज के प्रति जिम्मेदारी है। उनका मानना है कि पत्रकारिता का मूल उद्देश्य सत्य और जनहित को प्राथमिकता देते हुए पाठकों तक सही जानकारी पहुंचाना है। वह अपनी लेखनी से सत्ता, समाज और आम जनता के बीच एक मजबूत और भरोसेमंद सेतु बनाने में विश्वास रखते हैं।
विशेषज्ञता (Areas of Expertise):
राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय समाचार
वायरल और ट्रेंडिंग कंटेंट
राजनीतिक और रिसर्च-आधारित स्टोरीज
हेडलाइन और न्यूज़ प्रेजेंटेशन
लेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।


