15 अगस्त को अंधेरे से मिलेगी आजादी, चीन से 35 KM दूर बसे भारत के ये गांव

लाइव हिन्दुस्तान, पिथौरागढ़
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आगामी 15 अगस्त को भारत चीन सीमा से सटे गांव के लोगों को अंधेरे से आजादी मिलेगी। इन 78 साल में इन गावों तक बिजली तक नहीं पहुंच पाई थी। ये गांव चीन से 35-40 किलोमीटर दूर हैं। 

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चीन सीमा से सटे भारतीय गांवों में पहली बार बिजली आएगी।

पूरन पांडे, मुनस्यारी

देश जब 15 अगस्त को आजादी का पर्व मना रहा होगा, तब भारत-चीन सीमा पर बसे उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले में मुनस्यारी का रडगाड़ी, बुगडियार गांव अंधेरे से आजादी का जश्न मनाएगा। चीन सीमा से 35 से 40 किमी हवाई दूरी पर स्थित इस माइग्रेशन गांव तक बिजली की लाइन बिछ गई है। ट्रांसफार्मर भी लगा दिया गया है। स्वतंत्रता दिवस पर जैसे ही इसका औपचारिक शुभारंभ होगा, वैसे ही यह क्षेत्र पहली बार बिजली की रोशनी से जगमगा उठेगा।

गर्मियों में मुनस्यारी के निचले इलाकों से जनजाति समुदाय के ग्रामीण अपने मवेशियों को लेकर रड़गाडी और बुगडियार में रहते हैं। बिजली न होने पर ग्रामीण ढिबरी, लालटेन, मोमबत्ती और सोलर लालटेन के भरोसे रातें काटने को मजबूर थे।

लंबे समय से बिजली की थी मांग

मल्ला जोहार विकास समिति के अध्यक्ष श्रीराम सिंह धर्मसक्तू ने कहा कि लंबे समय से इन गांवों को बिजली सेवा से जोड़ने की मांग उठ रही थी। माइग्रेशन गांवों में बिजली सेवा की सुविधा मिलने से बड़ी राहत होगी। यूपीसीएल मुनस्यारी के एसडीओ सद्दाम अली ने बताया कि रड़गाडी और बुगडियार तक लाइन बिछा दी गई है। अन्य माइग्रेशन गांवों को जल्द बिजली सेवा से जोड़ा जाएगा, यहां निर्माण कार्य जारी है।

सुविधाओं में भारत से काफी आगे चीन के गांव

मुनस्यारी। भारतीय गांवों में जहां सड़क, बिजली की सेवा अब पहुंच रही है। वहीं चीन ने पिछले एक दशक में सीमांत क्षेत्रों में मॉडल विलेज रणनीति के तहत बड़े पैमाने पर बुनियादी ढांचे का विकास किया है। वहां के गांवों में चौबीसों घंटे बिजली, हाई-स्पीड इंटरनेट, पक्के दो-मंजिला मकान और सीधी सड़क कनेक्टिविटी है। वहां नागरिक आबादी को बसाने के लिए भारी सब्सिडी और सुविधाएं दी जाती हैं।

शेष माइग्रेशन गांव भी जल्द होंगे रोशन

मुनस्यारी। रडगाड़ी, बुगडियार के बाद माइग्रेशन गांव मिलम, लास्पा, मर्तोली, बल्जिू, बुर्फू, मापा, टोला, गनघर आदि जल्द बिजली सुविधा से जोड़े जाएंगे। योजना के तहत 21 करोड़ से लीलम से करीब 62 किमी लंबी लाइन बिछाई जानी है।

सेना को होगा फायदा

बिजली लाइन शुरू होने का लाभ केवल ग्रामीणों को ही नहीं सेना, आईटीबीपी और बीआरओ को होगा। दरअसल बुगडियार सुरक्षा बलों का मुख्य केंद्र है। सुरक्षा बलों को सीमा पर पहरा देने के लिए सोलर, जनरेटर के भरोसे नहीं रहना होगा।

Gaurav Kala

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