मुझसे एक चूक हुई थी, अपने ओएसडी के घर ED की रेड पर अब हरीश रावत माफी क्यों मांग रहे

लाइव हिन्दुस्तान, देहरादून
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अपने ओएसडी के घर ईडी की रेड को लेकर हरीश रावत एक बार फिर सोशल मीडिया पर आए। उन्होंने कहा कि अपने मुख्यमंत्री कार्यकाल के दौरान उनसे एक चूक हुई थी। वो उसकी माफी फिर मांगते हैं।

harish rawat
हरीश रावत ने सोशल मीडिया पर मार्मिक पोस्ट किया है।

अपने पूर्व ओएसडी चंदन सिंह जीना पर ईडी की कार्रवाई के बाद उठ रहे सवालों पर पूर्व सीएम हरीश रावत ने सरकार से उनके मुख्यमंत्रित्व काल की जांच कराने को कहा है। हरीश रावत ने सोशल मीडिया पर एक मार्मिक पोस्ट की। कहा कि उनसे सीएम रहते एक चूक हुई थी इसके लिए मैं पहले भी माफी मांग चुका हूं और फिर मांग रहा हूं। दरअसल, ईडी ने जीना के घर छापेमारी यूकेएसएसएससी की 2016 वीपीडीओ परीक्षा घोटाले को लेकर की थी। उस समय हरीश रावत सीएम पद पर थे। जीना के घर से ईडी ने लाखों की नकदी, सोने के सिक्के और कई महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए थे।

सोमवार को हरीश रावत ने कहा कि उनके कार्यकाल में हुई सरकारी नियुक्तियों की आयोग बनाकर जांच कराई जा सकती है। यदि कहीं पर उन्होंने पद का दुरूपयोग किया है तो उस पर कार्रवाई हो।

हरीश रावत ने माफी मांगी

रावत ने सोशल मीडिया पर लंबी मार्मिक पोस्ट जारी की। रावत ने कहा कि 3 वर्ष के कार्यकाल में 42 हजार से ज्यादा अभ्यर्थियों को नौकरी मिली और 18 हजार पदों की भर्ती का अध्याचन जारी किए गए। रावत ने फिर दोहराया कि उनसे भी एक चूक हुई कि अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के अध्यक्ष के पद की जो नियुक्ति की, वह उस पद की गरिमा का सम्मान नहीं रख सके। नियुक्ति की चूक के लिए वो पहले भी क्षमा मांग चुके हैं। और पुनः क्षमा मांग रहे हैं। रावत ने कहा कि कुछ लोग जिस तरीके का कैंपेन चला रहे हैं, इसलिए सोशल मीडिया पर आना पड़ा।

जीना का बचाव किया

पूर्वसीएम रावत ने कहा कि चंदन जीना 1991 से उनके साथ काम कर रहे हैं और उनके प्रति निष्ठावान रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि जीना की कमाई को उनका पैसा बताकर बदनाम करने का प्रयास किया जा रहा है। रावत ने कहा कि उन्होंने कभी किसी राजनीतिक पद या काम के बदले पैसा नहीं लिया और उनका सार्वजनिक जीवन खुली किताब है।

मामला क्या है

ईडी ने उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की 2016 ग्राम पंचायत विकास अधिकारी (वीपीडीओ) परीक्षा घोटाले में पूर्व सीएम हरीश रावत के ओएसडी चंदन सिंह जीना के घर छापा मारकर 1.28 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की है। गुरुवार को ईडी ने राजधानी में जीना समेत आयोग के पूर्व अफसरों के कई ठिकानों पर छापेमारी कर नगदी, आभूषण और मोबाइल जब्त किए।

जीना पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के वर्तमान निजी सहायक और 2014 से 2017 तक उनके ओएसडी रहे। ईडी की इस कार्रवाई में चंदन सिंह जीना के घर से 32 लाख रुपये नगदी, 200.5 ग्राम वजन के 13 सोने के सिक्के और सात सोने की चेन बरामद कीं। इसके साथ ही रोलेक्स, राडो, पियाजे, मोवाडो, टिसोट और कैसियो एडिफिस जैसी ब्रांड की 12 लग्जरी घड़ियां भी जब्त की हैं। जांच एजेंसी ने जीना और उनके परिजनों के बैंक खातों में जमा 52.16 लाख रुपये फ्रीज कर दिए हैं।

ईडी की जांच में क्या सामने आया

ईडी की जांच में सामने आया है कि जीना ने बिना किसी वैध स्रोत के नगद में भारी खर्च किए थे जो उनकी आय के ज्ञात स्रोतों से मेल नहीं खाते हैं। उनके मोबाइल फोन को भी फॉरेंसिक विश्लेषण के लिए जब्त कर लिया गया है।

Gaurav Kala

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