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चंडी देवी मंदिर ट्रस्ट के मुख्य ट्रस्टी ने पूर्व पत्नी, बेटे और साले पर संपत्ति हड़पने का आरोप लगाया, कोर्ट के आदेश पर केस दर्ज

चंडी देवी मंदिर ट्रस्ट के मुख्य ट्रस्टी ने पूर्व पत्नी, बेटे और साले पर संपत्ति हड़पने का आरोप लगाया, कोर्ट के आदेश पर केस दर्ज

संक्षेप:

चंडी देवी मंदिर परमार्थ ट्रस्ट के मुख्य ट्रस्टी महंत रोहित गिरि ने अपनी पूर्व पत्नी और अन्य पर ट्रस्ट की संपत्ति हड़पने का आरोप लगाया है। उन्होंने जाली दस्तावेजों के आधार पर ट्रस्ट का नवीनीकरण कराने और उनके खिलाफ साजिश करने की बात कही है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

Dec 06, 2025 04:33 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, हरिद्वार
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चंडी देवी मंदिर परमार्थ ट्रस्ट के मुख्य ट्रस्टी महंत रोहित गिरि ने अपनी पूर्व पत्नी, पुत्र और सहयोगियों पर ट्रस्ट की संपत्ति हड़पने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि आरोपियों ने सोची-समझी साजिश के तहत उनके जाली हस्ताक्षर कर इस्तीफा तैयार किया और उसी आधार पर अवैध तरीके से ट्रस्ट का नवीनीकरण करा दिया। इस मामले में कोर्ट के आदेश पर श्यामपुर पुलिस ने आठ आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करते हुए जांच शुरू कर दी है। महंत रोहित गिरि निवासी चंडीघाट श्यामपुर कांगड़ी ने कोर्ट में दायर प्रार्थना पत्र में बताया कि वे चंडी देवी मंदिर ट्रस्ट के मुख्य ट्रस्टी और एकमात्र सेवायत हैं।

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आरोप है कि उनकी पूर्व पत्नी गीतांजलि निवासी नेचरो विला लालतप्पड़, उनके पुत्र भवानी नंदन गिरि, नीरज पांडेय निवासी लक्ष्मी नारायण मंदिर यमुना कॉलोनी देहरादून, आकाश कुसुम बच्छेती निवासी लालतप्पड़, पुष्पांजलि गौड़ निवासी ऋषिकेश, निखिल खन्ना निवासी ग्रेटर नोएडा, फड़ दुकानदार मोहित तोमर और धीरज बच्छेती उर्फ शंकर निवासी हरिपुरकलां रायवाला ने 14 मई को पंजाब पुलिस से मिलकर उनको घर से गिरफ्तार करवाया। महंत ने आरोप लगाया कि जेल में रहते उनकी जान तक लेने की कोशिश की गई। इसके साथ ही, आरोपियों ने 13 मई का जाली इस्तीफा तैयार किया, उस पर नकली हस्ताक्षर बनाए और ट्रस्ट में प्रस्तुत कर दिया। इसी जाली इस्तीफे के आधार पर 27 मई को तहसील ऋषिकेश में ट्रस्ट का नवीनीकरण भी करा लिया गया, जिसमें उनके पुत्र भवानी को मुख्य ट्रस्टी दिखाया गया। इसके बाद ट्रस्ट की संपत्ति, बैंक खाते और चढ़ावे की राशि का दुरुपयोग शुरू हो गया। महंत रोहित ने यह भी आरोप लगाया कि उनकी गैरहाजिरी में उनकी कार को गीतांजलि और आकाश उठा ले गए। आशंका है कि कार का इस्तेमाल किसी असामाजिक गतिविधि में किया गया होगा। उन्होंने बताया कि जेल से ही 8 जुलाई को थाना श्यामपुर और एसएसपी कार्यालय में तहरीर भेजी, पर कार्रवाई नहीं हुई। कई बार संपर्क के बाद भी पुलिस से कोई ठोस जवाब नहीं मिला। इसके बाद कोर्ट का सहारा लेना पड़ा। श्यामपुर थाना प्रभारी मनोज शर्मा ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।