
चाइनीज मांझे पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाए
महानगर व्यापार मंडल ने चाइनीज मांझे की बिक्री के खिलाफ सिटी मजिस्ट्रेट को ज्ञापन सौंपा। व्यापारियों ने मांग की कि मांझा बेचने और सप्लाई करने वालों पर सख्त कार्रवाई हो। उन्होंने कहा कि प्रतिबंधित मांझा हर साल कई लोगों को घायल करता है और जानलेवा साबित होता है।
प्रतिबंध के बावजूद बाजारों में खुलेआम बिक रहे जानलेवा चाइनीज मांझे के खिलाफ गुरुवार को महानगर व्यापार मंडल ने मोर्चा खोल दिया। जिलाध्यक्ष सुनील सेठी के साथ व्यापारियों ने सिटी मजिस्ट्रेट को ज्ञापन सौंपकर मांझा बेचने, सप्लाई करने और भंडारण करने वालों पर सख्त कार्रवाई की मांग की। मांग की गई कि ऐसे लोगों पर हत्या के प्रयास की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया जाए, भारी जुर्माना लगाया जाए और दुकानों को सील किया जाए। ज्ञापन सौंपते हुए सुनील सेठी ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि प्रतिबंधित मांझा हर साल सैकड़ों लोगों को घायल करता है और कई लोगों की जान भी ले लेता है।

इसके बावजूद यह मांझा बाजार में कुछ लोगों के लालच के कारण आसानी से उपलब्ध हो जाता है। उन्होंने कहा कि मांझा जहां से आता है, वहां से लेकर उसके सप्लायर और गोदाम संचालकों तक सभी पर कड़ी कार्रवाई होनी जरूरी है। महानगर वरिष्ठ उपाध्यक्ष प्रीत कमल और समाजसेवी अस्मिथ ऐरन ने भी चाइनीज मांझे को गंभीर खतरा बताते हुए कहा कि प्रतिबंधित मांझा हर साल सबसे ज्यादा दोपहिया चालकों को अपनी चपेट में लेता है। बीते दिन ही एक युवक गंभीर रूप से घायल हुआ है, फिर भी कुछ लोग इसकी बिक्री कर प्रशासन को खुली चुनौती दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह बसंत पंचमी जैसे पर्व को जानलेवा बनाने की साजिश है, जो विदेशी मांझे के आयात से पनप रही है। इस पर न सिर्फ प्रदेश बल्कि पूरे देश में सख्त प्रतिबंध लगना चाहिए। ज्ञापन देने वालों में युवराज बिष्ट, हनी अग्रवाल, सोनू चौधरी, एसएन तिवारी, सुनील मनोचा, राजू जोशी, एसके सैनी सहित कई लोग मौजूद रहे।

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