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विश्वभर को मार्गदर्शन करता मुनस्यारी का साधना केन्द्र: डॉ. पण्ड्या

विश्वभर को मार्गदर्शन करता मुनस्यारी का साधना केन्द्र: डॉ. पण्ड्या

अखिल विश्व गायत्री परिवार शांतिकुंज के निर्देशन में हिमालय के गोद में बसा मुनस्यारी जनपद पिथौरागढ़ में रामनवमी के बाद विशेष साधना शिविर का शुभारंभ होगा। यह साधना साधकों के आत्मोन्नति का मार्ग प्रशस्त करने वाला होगा, तो वहीं इससे साधक की आंतरिक क्षमता भी विकसित होगी। यह कहना है कि अखिल विश्व गायत्री परिवार प्रमुख डॉ. प्रणव पण्ड्या का। अपने पांच दिवसीय विशेष साधना कर मुनस्यारी से लौटने के बाद वे साधना व साधना क्षेत्र विषय पर चर्चा कर रहे थे। अपने अनुभवों को साझा करते हुए उन्होंने कहा कि करीब 73 सौ फीट की ऊंचाई पर बसा मुनस्यारी किसी देवऋषि की साधना स्थली रही होगी। देवात्मा हिमालय के पर्वतीय श्रृखला पंचाचूली को देखकर साक्षात महाकाल शिव का अनुभव होने लगता है। उन्होंने कहा कि भारतीय ऋषि-मुनियों ने हिमालय क्षेत्र में साधना कर अनेक सिद्धियां प्राप्त की थीं। उनकी ऊर्जा आज भी उस क्षेत्र में अनुभव की जा सकती है। उन्होंने बताया कि ऋषियों के तपःक्षेत्र हिमालय के गोद में बसा मुनस्यारी में पिछले कई वर्षों से पांच दिवसीय साधना सत्रों की श्रृखला चलाई जा रही हैं। इस वर्ष साधना सत्र चैत्र नवरात्रि के बाद से प्रारंभ होगी, जो जून के अंतिम सप्ताह तक चलेगी। एक सत्र में 24 से 30 साधक भाग लेंगे। उन्होंने बताया कि साधना काल में त्रिकाल संध्या, विभिन्न रागों की ध्वनियों सहित कई सात्विक साधना व हवन साधक की दिनचर्या में शामिल होंगे। साधना काल में साधक पांच दिन तक मौन रहकर जप करेंगे। उन्होंने बताया कि इस वर्ष विदेशी साधकों में भी जबरदस्त उत्साह है। रुस, जर्मनी, अमेरिका, कनाडा आदि देशों के साधक भी गायत्री चेतना केन्द्र मुनस्यारी में साधना के लिए आ रहे हैं।

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  • Web Title: The sadhana center of Munasari guiding all over the world Dr Pandya