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30 नवंबर, 2020|11:16|IST

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पौधों को राखी बांधकर मनाया तीज पर्व

पौधों को राखी बांधकर मनाया तीज पर्व

स्पर्श गंगा ने हरियाली तीज पर एक नई शुरुआत करते हुए पौधों पर राखी बांध कर उनकी रक्षा का संकल्प लिया। स्पर्श गंगा परिवार के सदस्यों ने जगजीतपुर स्थित कार्यालय में बहनों को घर पर ही राखी बनाना सिखाया। जिससे कोरोना काल के समय बहने सुरक्षित तरीके से घर पर कोरोना योद्धाओ, और अपने भाइयों के लिए राखी बना सकें।

रीता चमोली ने बताया कि स्पर्श गंगा की सदस्य राखी के त्योहार को अपनी धरा को हरा भरा बनाने पर्यावरण की सुरक्षा के साथ तीज उत्सव को मानते हुए देश की हिफाजत में लगे करोना योद्धाओं को स्पर्श गंगा राखियां बाधेंगी। बिमला ढोंडियाल ने बताया कि बहनें भाइयों की कुशलता की कामना के साथ आत्मनिर्भर भारत बनाने के संकल्प को पूरा कर रही हैं। साथ ही चाइनीज राखी का पूर्णतया बहिष्कार कर रही हैं।

रेणु शर्मा ने कहा कि बहने गंगा तटों में खूबसूरत चमकीले पत्थरों तथा परंपरागत पूजा अर्चना में प्रयुक्त किए जाने वाले कलावे से स्पर्श गंगा रक्षा सूत्र बना रही हैं। गंगा तटों पर सुनहरे नगीने से पत्थरों को राखियों में नग के रूप में प्रयोग करने का उनका प्रयोग भावनात्मक है। कमला जोशी ने का कहना है कि स्वदेशी तथा स्थानीय राखियां गंगा के पावन जल से निकले पत्थर नगीने से बचनाकर वह जहां स्वदेशी का संदेश दे रही है। वहीं गंगा स्वच्छता अभियान से वह भावनात्मक रूप से लोगों को जोड़ने का कार्य कर रही हैं।

रजनी वर्मा ने कहा कि ये राखियां मां गंगा का स्पर्श भी हैं। सभी स्पर्श गंगा अभियान से जुड़े सदस्यों को वे इन राखियो को भेंट करेंगी। जिससे वे आने वाले राखी के त्योहार में ये स्पर्श गंगा राखियां भाईयों की कलाई पर बहिन के प्यार के साथ साथ मां गंगा का स्पर्श भी दिला सके।

इस दौरान सन्तोष सैनी, सीमा चौहान, सरिता अमोली, अंशु, तारा, शीतल पुंडीर, कविता शर्मा, मीनू शर्मा, रजनीश सहगल, मनप्रीत, अंश मल्होत्रा आदि शामिल रहे।

घर घर बनाए जा रहे स्पर्श गंगा के धागे

एनसीईआरटी की सदस्य रश्मि चौहान ने बताया कि इसके लिए घर घर स्पर्श गंगा के ये धागे बनाए जा रहे हैं। नैनीताल, हल्द्वानी, अल्मोड़ा और पिथौरागढ़ में भी व्यापक तैयारी की गई हैं।

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  • Web Title:Teej festival celebrated by tying rakhi to plants