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30 नवंबर, 2020|11:07|IST

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मजदूर-किसानों की समस्या को लेकर धरना

मजदूर-किसानों की समस्या को लेकर धरना

सेंटर ऑफ ट्रेड यूनियन और अखिल भारतीय किसान सभा ने मजदूर और किसानों की समस्याओं को लेकर भेल स्थित यूनियन कार्यालय पर एक दिवसीय धरना दिया। इस दौरान नारेबाजी कर रोष जताया। साथ ही एक मांग पत्र प्रधानमंत्री को भेजा। धरना स्थल पर ही आम सभा की।

वक्ताओं ने कहा कि बढ़ती महंगाई पर रोक लगाते हुए सार्वभौमिक राशन प्रणाली को लागू किया जाए सभी के लिए खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित किए जाने के साथ ही किसानों को स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों के अनुसार न्यूनतम समर्थन मूल्य दिया जाए। कहा कि सरकार की ओर से किसान की पूरी फसल की खरीद सुनिश्चित की जानी चाहिए। कोरोना महामारी के चलते कठिन दौर में राज्य और केंद्र सरकार की ओर से श्रम कानून में श्रमिक विरोधी संशोधन किए जाने के प्रस्ताव पर नाराजगी जताई। कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों के निजीकरण पर रोक लगाई जाए। गरीब किसानों, खेत मजदूरों के सार्वजनिक बैंक, सरकारी बैंक एवं निजी साहूकारों से लिए गए सभी प्रकार के ऋण माफ किए जाए। आगामी छह मार्च तक प्रति व्यक्ति को हर महीने 10 किलो अनाज निशुल्क को दिया जाना चाहिए।

इनकम टैक्स की परिधि में आने वाले प्रत्येक परिवार को अगले छह महीने तक 7500 का भुगतान दिया जाना चाहिए। मनरेगा में 100 दिनों के स्थान पर 200 दिनों का काम दिया जाए। आवश्यक वस्तुओं, कृषि व्यापार, विद्युत कानून के लिए जारी अध्यादेश व प्रशासनिक आदेश वापस लिए जाने चाहिए। धरना देने वालों में आरपी ज़खमोला, इमरत सिंह, राजकुमार, एमपी जखमोला, उदयवीर सिंह, कयूम खान, डीपी रतूड़ी, गौरव धीमान, रोबिन आदि शामिल रहे।

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  • Web Title:Strike on the problem of workers and peasants