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वसंत पंचमी पर विद्या की देवी को नमन किया

वसंत पंचमी पर विद्या की देवी को नमन किया

धर्मनगरी की शिक्षण संस्थाओं में वसंत पंचमी पर्व हर्षोल्लास से मनाया गया। सरस्वती पूजन के साथ हवन यज्ञ कार्यक्रम आयोजित किए गए। शिक्षकों और छात्र-छात्राओं ने मां सरस्वती के चित्र पर पुष्प अर्पित कर विद्या की देवी को नमन किया और हवन में आहुति डालकर कल्याण की कामना की। छात्र-छात्राओं ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर मन मोह लिया। शिक्षकों ने छात्र-छात्राओं को वसंत पंचमी की शुभकामनाएं देकर उनके उज्जवल भविष्य की कामना की।

सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कालेज भेल सेक्टर दो में हवन किया गया और सरस्वती विद्या मंदिर और शिशु मंदिर के भाई बहनों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। सरस्वती शिशु मंदिर के प्रधानाचार्य रामप्रकाश ने कहा कि वसंत पंचमी पर वीर हकीकत राय का बलिदान दिवस भी मनाया जाता है। इस दौरान प्रधानाचार्य नरेश कुमार चौहान, नरेंद्र पाल, सुनील कुमार, शिवप्रसाद अग्रवाल, बीआर काला, शेर सिंह रावत, सलेखचंद बंसल, कृष्ण कंडेल, खुशी, मानवी आदि उपस्थित रहे।

सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कालेज मायापुर, शिशु मंदिर और विद्या मंदिर में हवन किया गया। छात्र-छात्राओं ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर समां बांधा। विद्या भारती के केंद्रीय अधिकारी श्यामलाल, राष्ट्रीय प्रचार प्रमुख सुधाकर रेड्डी, प्रधानाचार्य डॉ. विजयपाल सिंह ने छात्र-छात्राओं को वसंत पंचमी की शुभकामनाएं दी। इस दौरान जगपाल सिंह, प्रद्युम्न अग्रवाल, नीरज मित्तल, राकेश शर्मा, रमेश भाटिया, अजय सिंह, अंबादत्त पंत, सुरुचि ध्यानी, प्रकाश सकलानी, काकोली घोषाल, सोमेंद्र नागर, विजय अग्रवाल, शैलेंद्र रतूड़ी, शीला देवी आदि उपस्थित रहे।

वसंत पंचमी पर उदासीन संस्कृत महाविद्यालय का वार्षिकोत्सव धूमधाम से मनाया गया। छात्रों ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर ऋतुराज वसंत का स्वागत किया। अध्यक्ष महंत प्रेमदास ने कहा कि ऋतु परिवर्तन से प्रकृति सुंदर बनती है। महंत कपिलमुनि ने कहा कि चारों पुरुषार्थों को प्राप्त करने का एकमात्र साधन विद्या है। स्वामी शिवानंद, स्वामी ब्रह्ममुनि ने कहा कि विद्यादान सबसे बड़ा दान है। गुरु रूपी सुनार स्वर्ण रूपी विद्यार्थी को तपाकर शिक्षित करता है। समापन पर छात्रों को कलम वितरित किए गए। प्रधानाचार्य डॉ. नारायण पंडित, स्वामी छत्रपति दास, वंशीधर मिश्र, सागर कुमार झा, डॉ. रविशचंद्र तिवारी, डॉ. श्याम बिहारी, तुलसी लखेड़ा, डॉ. ललिता चौहान आदि उपस्थित रहे।

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  • Web Title:Salute the Goddess of Vidya on Vasant Panchami