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रचनात्मक आंदोलनों में अहम भूमिका निभाने वाले सम्मानित

शांतिकुंज में तीन दिवसीय गंगा दशहरा और गायत्री जयंती पर्वोत्सव का शुक्रवार से शुभारंभ हो गया। पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य की पुण्यतिथि (गायत्री जयंती पर्व) मनाने आये हजारों लोगों की मौजूदगी में विभिन्न राज्यों में रचनात्मक आंदोलनों में अहम भूमिका निभाने वाले 13 लोगों को सम्मानित किया गया। समारोह की अध्यक्षता करते हुए गायत्री परिवार प्रमुख डॉ. प्रणव पंड्या ने कहा कि मानवीय जीवन का सच्चा सुख परमार्थ में है। परमार्थ में स्वयं के साथ पूरा समाज का हित है। उन्होंने समाज में रचनात्मक कार्यक्रमों को गति देने का आह्वान किया। बाल संस्कारशाला, नारी जागरण, कुरीति उन्मूलन, निर्मल गंगा जन अभियान और जलस्रोतों के सफाई अभियान आदि रचनात्मक कार्यक्रमों को गति देने पर बल दिया। प्रज्ञा अभियान के संपादक वीरेश्वर उपाध्याय ने कहा कि व्यक्ति का नहीं, बल्कि व्यक्तित्व एवं सज्जनता का सहयोग करते हुए उनके द्वारा किये जाने वाले सत्कार्य का अभिनंदन करना चाहिए। बालोद छत्तीसगढ़ के केके विनोद को बाल संस्कारशाला संचालन और समाज को व्यसन मुक्त बनाने, जयपुर राजस्थान के वीरेन्द्र अग्रवाल को सद्ज्ञान विस्तार, जोबट राजस्थान के डॉ. शिवनारायण सक्सेना को पर्यावरण संतुलन व जलस्रोतों की स्वच्छता के लिए, बदायूं यूपी के रामसिंह यादव को योग को सेना के तीनों अंगों के जवानों को उनके व्यावाहारिक जीवन में उतरवाने, दुर्ग छत्तीसगढ़ के प्रफुल्ल पटेल को ग्रामीणों को स्वावलंबी बनाने, महेसाणा गुजरात की रमिला बेन आर. पटेल को नारी जागरण के क्षेत्र में, बड़वानी मध्य प्रदेश के डेमनिया भाई को लाखों आदिवासियों को व्यसन मुक्त करने, राजगढ़ राजस्थान के संजय कश्यप को पौधरोपण के लिए, कर्णप्रयाग उत्तराखण्ड के दिनेशचन्द्र मैखूरी को बलिप्रथा बंद कराने, कानपुर यूपी के रामचन्द्र गुप्ता और बागपत के ओमपाल शर्मा को निर्मल गंगा जन अभियान के अंतर्गत गंगा के दोनों तटों के लोगों को जागरूक करने, खंडवा मध्य प्रदेश के मदनलाल खण्डेलवाल को आदर्श गांव स्थापित करने और राजसमंद राजस्थान के मनोहर लाल माहेश्वरी को भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा में देश भर में सबसे ज्यादा विद्यार्थियों को जोड़ने के लिए विशेष रूप से प्रशस्ति पत्र, स्मृति चिह्न, शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया गया। कालीचरण शर्मा, संदीप कुमार, सुधीर भारद्वाज, अरविंद कुमार, शोकेन्द्राचार्य ने कहा कि मनुष्य के चिंतन और चरित्र में सुधार से ही समाज का सच्चे अर्थों में विकास संभव है। प्रथम सत्र में व्यवस्थापक गौरीशंकर शर्मा, केसरी कपिल, डॉ. बृजमोहन गौड़, जोन समन्वयक सहित देशभर से आये लोग उपस्थित रहे।

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  • Web Title:Respectful to play a key role in creative movements