Resolve to maintain environment and cleanliness of the Ganges - पर्यावरण और गंगा को निर्मल बनाए रखने का संकल्प DA Image
17 नबम्बर, 2019|3:21|IST

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पर्यावरण और गंगा को निर्मल बनाए रखने का संकल्प

पर्यावरण और गंगा को निर्मल बनाए रखने का संकल्प

भारत माता मंदिर द्वारा 9 मार्च से चल रहे श्री भारत माता आराधना महायज्ञ की पूर्णाहुति जूना पीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर अवधेशानन्द गिरि की उपस्थिति में संपन्न हुई। इस अवसर पर भारत माता मंदिर संस्थापक पदमभूषण सत्यमित्रानंद गिरि ने उपस्थित जन समुदाय से पर्यावरण की शुद्धता के लिए पौधे लगाने और गंगाजी को निर्मल बनाए रखने का आह्नान किया।

उन्होंने कहा कि श्री भारत माता आराधना महायज्ञ अपने उद्देश्य में सफल रहा। इस स्थान से हमें पर्यावरण की सुरक्षा और गंगा की स्वच्छता का संकल्प लेकर जाना चाहिए। उन्होंने श्रद्धालुओं से पूजा की सामग्री गंगाजी में प्रवाहित न करने की अपील करते हुए कहा कि गंगाजी को प्रदूषण मुक्त रखना हम सब का परम कर्तव्य है। उन्होंने कहा कि भारत में चित्र की नहीं चरित्र की पूजा होती है। हमारे यहां मन, विचार तथा संकल्प की पवित्रता को महत्व दिया गया है। हमारा कर्म परमार्थ के लिए हो ऐसा प्रयास करना चाहिए।

जूना पीठाधीश्वर अवधेशानन्द गिरि ने कहा कि यज्ञ भगवान विष्णु का स्वरूप है। इस महायज्ञ के मूल में राष्ट्र का हित समाहित है। उन्होंने संत की तुलना वृक्ष से करते हुए कहा कि संत और वृक्ष परमार्थ के लिए ही अपना सर्वस्व न्यौछावर करते हैं। उन्होंने कहा कि संतों के संकल्प में परमार्थ समाहित रहता है। जिस प्रकार वृक्ष में परमार्थ का गुण समाहित रहता है। ठीक उसी प्रकार संतों के संकल्प में मानव मात्र का कल्याण निहित होता है।

इस अवसर पर महायज्ञ के संयोजक आईडी शर्मा शास्त्री ने आये हुए अतिथियों का स्वागत किया। यज्ञ की पूर्णाहुति के अवसर पर प्रसिद्ध कथा व्यास उत्तम स्वामी, स्वामी सुखदेवानन्द, भारत माता के मंदिर श्रीमहंत ललितानन्द गिरि, लाल माता मंदिर के संचालक भक्त दुर्गादास, राज्यमंत्री विनोद आर्य, पार्षद अनिरुद्ध भाटी, सुरेश केडिया, संतोष अग्रवाल, कैलाश गुप्ता, शरद पुरोहित, डॉ. कृष्णकांत चतुर्वेदी, अभिजीत चतुर्वेदी आदि उपस्थित रहे।

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