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8 जुलाई, 2020|10:06|IST

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कोरोना वटी को लेकर विवाद नहीं : रामदेव

कोरोना वटी को लेकर  विवाद नहीं : रामदेव

बाबा रामदेव ने दावा किया है कि पतंजलि योग के द्वारा बनाई गई दवा कोरोनावायरस वसारी वटी को लेकर आयुष मंत्रालय ने स्पष्ट कर दिया है की उनकी दवा को लेकर किसी तरह का विवाद नहीं है। यह दवा कोरोना के प्रभाव को कम करने के लिए बनाई गई है और अब यह दवा पूरे देश में लोगों को उपलब्ध होती रहेगी। पतंजलि योगपीठ में बुधवार को पत्रकारों से बातचीत में पतंजलि योगपीठ के महामंत्री आचार्य बालकृष्ण और आयुर्वेद के शोध वैज्ञानिक डॉक्टर देवेंद्र की उपस्थिति में के बाबा रामदेव ने कहा कि पूरे विवाद के पीछे ड्रग माफिया का हाथ है। वह लोग कोरोनावायरस वटी से घबरा गए थे जिनकी अरबों रुपए के कारोबार की जड़ें और चूले पतंजलि की वजह से हिल गईं थीं।

बाबा रामदेव ने कहा कि अभी तो सिर्फ कोरोना का प्रभाव कम करने के लिए ही काम किया है पतंजलि थक कर हारने वाला नहीं है। ब्लड प्रेशर, शुगर, अस्थमा, हेपेटाइटिस डेंगू, चिकनगुनिया सहित 10 गंभीर बीमारियों पर लगातार शोध चल रहे हैं। उन्होंने कहा कि पतंजलि देश को रोग मुक्त बनाने के लिए अपना अभियान लगातार जारी रखेगा। इसके लिए अगर हमारे खिलाफ मुकदमे दर्ज किए जाएं जेल में डाल दिए जाएं देशद्रोही कहा जाए तो भी हमारा संकल्प कम होने वाला नहीं है। हम अपने संकल्प पर अडिग हैं और अडिग रहेंगे।

बीती 23 जून को पतंजलि योगपीठ की ओर से कोरोनिल, श्वासारी वटी और अणु तेल नामक दवाई लॉन्च करते हुए कोरोना का इलाज करने का दावा किया गया था। मरीजों पर क्लीनिकल ट्रायल करने की बात भी की गई थी। लेकिन उसी दिन आयुष मंत्रालय द्वारा कोरोना की दवा बनाए जाने के दावे पर सवाल उठाने और राज्य के आयुष विभाग द्वारा नोटिस जारी कर देने के बाद यह मामला विवादों में आ गया था।

आचार्य बालकृष्ण ने कहा कि पहले दिन से ही पतंजलि यह दावा करता रहा है कि यह तीनों दवाइयां इम्यूनिटी सिस्टम को बढ़ाने के लिए हैं। लेकिन यह भी सत्य है कि इनके प्रभाव से रोगियों का कोरोना ठीक हुआ है और अगर मरीज ठीक हुए हैं तो उस बात को कहने में कोई गुरेज नहीं है ।

बाबा रामदेव ने चीन को धोखेबाज देश बताया

कहा, चीन के साथ नजदीकी नेपाल के लिए नुकसानदेह

बाबा रामदेव ने कहा है कि चीन धोखेबाज देश है। इस पर बिल्कुल भरोसा नहीं किया जा सकता है अब हिंदी चीनी भाई भाई की जगह हिंदी चीनी जुदाई होना चाहिए और लड़ाई लगनी चाहिए। भारतीय सेना को चीन के खिलाफ जो भी कुछ करना पड़े वह उन्हें करना चाहिए। कहा कि चीन का दूसरा नाम ही बीमारी और महामारी है इससे जितना ही बचा जाए उतना अच्छा है।

बुधवार को पतंजलि में पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि नेपाल और भारत के रिश्ते सांस्कृतिक आध्यात्मिक धार्मिक और रोटी बेटी के हैं नेपाल को चीन के साथ नजदीकी बढ़ाकर फायदा नहीं नुकसान है देश औली जी को इस बात को समझना चाहिए और प्रचंड ने जो कहा है बिल्कुल सही कहा है। चीन के चक्कर में पड़कर नेपाल को नुकसान ही होगा। उन्होंने कहा है कि मैं तो नेपाल में बच्चे बच्चे को जानता हूं नेपाल के हित भारत से हैं और भारत के हित नेपाल से हैं। दोनों देशों का सदियों पुराना नाता है। भारत और नेपाल स्वाभाविक मित्र देश हैं।

बाबा रामदेव ने कहा कि चीन हमारा कभी दोस्त नही हो सकता है। जबकि नेपाल हमारा राम और कृष्ण के समय से ही स्वाभाविक और परम्परागत मित्र है। उन्होने कहा कि चीन की साम्राज्यवादी और औपनिवेशवाद नीतियां भारत और नेपाल दोनों के ही हित में नहीं हैं। योग गुरु ने चाइनीज एप्स पर प्रतिबंध लगाने का भी समर्थन करते हुए इसे केंद्र सरकार का बड़ा राजनीतिक सहसभरा फैसला बताया। बाबा ने कहा कि हिंदी चीनी भाई भाई के नारे को बाय बाय करने का वक्त आ गया है। उसके लिए मोदी को सेना को खुली छूट देनी चाहिए।

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  • Web Title:No dispute over Corona Vati Ramdev