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22 सितम्बर, 2020|11:53|IST

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नगर निगम की बोर्ड बैठक में जमकर हंगामा

नगर निगम की बोर्ड बैठक में जमकर हंगामा

1 / 2नगर निगम की बोर्ड बैठक के दौरान भाजपा महिला पार्षदों ने अधिकारियों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। विकास कार्यों और लाइटों के बिल भुगतान की फाइल सार्वजनिक करने की मांग को लेकर महिला पार्षद धरने पर बैठ...

नगर निगम की बोर्ड बैठक में जमकर हंगामा

2 / 2नगर निगम की बोर्ड बैठक के दौरान भाजपा महिला पार्षदों ने अधिकारियों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। विकास कार्यों और लाइटों के बिल भुगतान की फाइल सार्वजनिक करने की मांग को लेकर महिला पार्षद धरने पर बैठ...

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नगर निगम की बोर्ड बैठक के दौरान भाजपा महिला पार्षदों ने अधिकारियों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। विकास कार्यों और लाइटों के बिल भुगतान की फाइल सार्वजनिक करने की मांग को लेकर महिला पार्षद धरने पर बैठ गईं। भाजपा के वरिष्ठ पार्षदों के मनाने के बाद भी महिला पार्षद अपनी मांगों पर अड़ी रहीं। पार्षदों के विरोध को देखते हुए मेयर ने बैठक को स्थगित कर दिया।

गुरुवार को टाउन हॉल में निगम की बोर्ड बैठक में भाजपा और कांग्रेस पार्षदों ने जमकर हंगामा काटा। नालों की सफाई न होने पर पार्षद कैलाश भट्ट और अन्य कांग्रेस पार्षद जमीन पर बैठ गए। भाजपा पार्षदों ने उनके इस रवैए पर विरोध जताया। दोनों दलों के पार्षदों के बीच तीखी नोकझोंक शुरू हो गई। इस दौरान हॉल की लाइट चली गई और पार्षदों जमकर धक्का-मुक्की हुई। मामला शांत होते ही भाजपा महिला पार्षद एकता गुप्ता, अन्नू मेहता और रेणू अरोड़ा 5.16 करोड़ के विकास कार्यों में घोटाले की आशंका जताते हुए हंगामा शुरू कर दिया। पार्षद एकता का आरोप था कि जब बीते 11 माह से वार्डों में एक भी कार्य नहीं हुआ तो भुगतान किस आधार पर किया गया। पार्षद अन्नू मेहता कहा कि एक भी वार्ड में नालों की सफाई नहीं हुई। जबकि नाला सफाई के लिए 70 लाख का भुगतान कर दिया गया। पार्षद रेणू अरोड़ा ने भुगतान की फाइल दिखाने की मांग की तो अधिकारियों ने चुप्पी साध ली। भाजपा पार्षद राजेश शर्मा और अनिरुद्ध भाटी ने पार्षदों से बैठक के ऐजेंडें पर चर्चा के बाद मुद्दों को रखने के लिए कहा। कांग्रेस पार्षद अनुज सिंह ने उनका समर्थन किया। लेकिन भाजपा पार्षद सुनील अग्रवाल गुड्डू और नए क्षेत्रों के पार्षद भी महिला पार्षदों के पक्ष में उतर आए। पार्षदों ने कहा कि अधिकारी 5.16 करोड़ की लागत से हुए कार्यों का हिसाब दें। साथ ही उन्होंने पुराने प्रस्तावों की कार्यप्रगति की जानकारी भी मांगी।

बैठक में लाइट घोटाले का मुद्दा भी उठा। महिला पार्षदों ने ऋषिकेश की एक फर्म को हुए 29.65 लाख के भुगतान की फर्जी रसीद को दिखकार हंगामा काटा। बैठक में ही भुगतान की फाइल प्रस्तुत करने की मांग की गई। लेकिन नगर आयुक्त उदय सिंह राणा ने कहा कि बैठक में केवल पिछली कार्रवाई और एजेंडे पर चर्चा होगी। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर वे अलग से बात कर सकते हैं। इस पर महिला पार्षद बुरी तरह से भड़क गईं और नारेबाजी करते हुए जमीन पर बैठ गईं। महिला पार्षदों के प्रदर्शन के बीच भाजपा के वरिष्ठ पार्षद नाराज होकर हॉल से बाहर निकल आए। लंच के बाद भाजपा के वरिष्ठ भाजपा पार्षदों ने एक बार फिर एजेंडें पर चर्चा के लिए महिला पार्षदों को समझाने का प्रयास किया। लेकिन अन्य भाजपा पार्षदों ने भी उनके प्रस्तावों को एजेंडे में शामिल न करने पर आपत्ति जता दी। पार्षदों की आपत्ति के चलते बैठक को स्थगित कर दिया। मेयर ने सभी पार्षदों को दस दिन के भीतर बैठक के नए एजेंडे के लिए प्रस्ताव देने उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। ये रहे मौजूद बैठक में नगर आयुक्त उदय सिंह राणा, एसएनए मेहंद्र यादव, नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ कैलाश गुंज्याल, टीएस राहुल कैंथोला, सुनीता सक्सेना, लेखाधिकारी चंद्रशेखर शर्मा, पार्षद अनिल मिश्रा, अनिरुद्ध भाटी, राजेश शर्मा, सपना शर्मा, अनुज सिंह, कैलाश भट्ट, सचिन अग्रवाल, अर्जुन सिंह, अनिल वशिष्ठ, ललित रावत, सचिन अग्रवाल, कमलेश देवी, श्रुति खेवड़िया, विकास कुमार, नागेंद्र राणा, विकास कुमार विक्की, मोनिका सैनी, मनोज प्रालिया, उदयवीर सिंह, राजीव भार्गव, बबीता नेगी, सुनीता शर्मा, निशा नौडियाल, राधेकृष्ण शर्मा, सुनील पांडेय, प्रशांत सैनी, शुभम मैंदोला, लोकश पाल, नितिन शर्मा माणा, महावीर वशिष्ठ, योगेंद्र सैनी आदि मौजूद रहे।