कुंभ मेले की सुरक्षा और आपदा प्रबंधन तैयारियों पर मंथन, मॉक ड्रिल पर जोर
हरिद्वार में कुंभ मेले के आयोजन को लेकर एनडीएमए, मेला प्रशासन और पुलिस के अधिकारियों की बैठक हुई। बैठक में आपदा प्रबंधन, भीड़ प्रबंधन और निकासी योजनाओं पर चर्चा की गई। कुंभ में सुरक्षा के लिए बहुस्तरीय रणनीतियों और स्वास्थ्य सेवाओं के लिए 3456 बेड की व्यवस्था की जाएगी।

हरिद्वार, संवाददाता। कुंभ मेले के सुरक्षित और सुव्यवस्थित आयोजन को लेकर मंगलवार को राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए), मेला प्रशासन, पुलिस और विभिन्न विभागों के अधिकारियों की उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में संभावित आपदाओं से निपटने की तैयारियों, भीड़ प्रबंधन, निकासी योजना और विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय को लेकर विस्तृत चर्चा हुई। मेलाधिकारी सोनिका ने कहा कि कुंभ की तैयारियों में सुरक्षा और आपदा प्रबंधन सर्वोच्च प्राथमिकता है। प्रत्येक सेक्टर में आपदा प्रबंधन संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के साथ आपातकालीन निकासी मार्गों, संचार तंत्र और त्वरित प्रतिक्रिया प्रणाली को मजबूत किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि तैयारियों की प्रभावशीलता परखने के लिए समय-समय पर संयुक्त मॉक ड्रिल भी आयोजित की जाएंगी।
एनडीएमए के सलाहकार कर्नल कीर्ति प्रताप सिंह ने कहा कि कुंभ जैसे विशाल आयोजन के लिए बहुस्तरीय आपदा प्रबंधन रणनीति आवश्यक है। उन्होंने होटल, अस्पताल और भीड़भाड़ वाले स्थलों का अग्नि सुरक्षा ऑडिट कराने तथा रेलवे स्टेशन की आपदा प्रतिक्रिया प्रणाली को और सुदृढ़ करने पर बल दिया। बैठक में भगदड़, अग्निकांड, गंगा घाटों पर दुर्घटनाएं, प्रतिकूल मौसम और यातायात दबाव जैसे संभावित जोखिमों की समीक्षा की गई। साथ ही आधुनिक तकनीक आधारित निगरानी व्यवस्था, सीसीटीवी, ड्रोन सर्विलांस और इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर के प्रभावी संचालन पर भी जोर दिया गया। एसएसपी कुंभ आयुष अग्रवाल ने सुरक्षा और यातायात प्रबंधन की विस्तृत रूपरेखा प्रस्तुत की। वहीं मेला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मनोज वर्मा ने बताया कि मेले के दौरान स्वास्थ्य सेवाओं के लिए 3456 बेड की व्यवस्था की जाएगी।
लेखक के बारे में
Hindustanलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।


