Haridwar News: कांवड़ियों के प्रवेश से हरिद्वार के बाजार में बूम
Haridwar News: कांवड़ मेले ने हरिद्वार के बाजारों में रौनक लौटा दी है। पिछले दो दिनों में कांवड़ियों की संख्या में तेजी से वृद्धि हुई, जिससे व्यापारियों को 40 प्रतिशत तक और कुछ प्रतिष्ठानों की बिक्री में चार से पांच गुना तक इजाफ़ा देखने को मिला है।

Haridwar News: कांवड़ मेले ने हरिद्वार के बाजारों में रौनक लौटा दी है। पिछले दो दिनों में कांवड़ियों की आमद तेजी से बढ़ने के साथ होटल, ढाबों, रेस्टोरेंट, मिष्ठान भंडार, पूजा सामग्री और रुद्राक्ष की दुकानों पर ग्राहकों की संख्या में इजाफा हुआ है। व्यापारियों के अनुसार सामान्य दिनों की तुलना में कई कारोबारों में 40 प्रतिशत तक वृद्धि दर्ज की जा रही है, जबकि कुछ प्रतिष्ठानों की दैनिक बिक्री चार से पांच गुना तक बढ़ गई है। पूजा सामग्री की बिक्री 15 हजार रुपये से बढ़कर 30 हजार रुपये प्रतिदिन तक पहुंच गई है, वहीं कुछ ढाबों की रोजाना की आमदनी 10-20 हजार रुपये से बढ़कर 80-90 हजार रुपये तक पहुंच गई है। व्यापारियों को उम्मीद है कि डाक कांवड़ शुरू होने के साथ कारोबार अपने चरम पर पहुंच जाएगा。
व्यापार में वृद्धि
कांवड़ यात्रा के साथ धर्मनगरी की अर्थव्यवस्था भी रफ्तार पकड़ने लगी है। शहर के प्रमुख बाजारों, हाईवे किनारे स्थित होटल-ढाबों और धार्मिक स्थलों के आसपास खाने-पीने के प्रतिष्ठानों पर दिनभर कांवड़ियों की आवाजाही बनी हुई है। दोपहर के मुकाबले शाम के समय सबसे अधिक भीड़ देखने को मिल रही है, जिससे कारोबारियों के चेहरे खिल उठे हैं।
धाबा संचालकों का अनुभव
हरि ओम ढाबा के संचालक अरविंद कुमार ने बताया कि शुक्रवार से पंचक शुरू होने के कारण दिन में ग्राहकी अपेक्षाकृत कम रही, लेकिन शाम होते-होते कांवड़ियों की संख्या बढ़ने से कारोबार में तेजी आ गई। उनका कहना है कि आने वाले दिनों में भीड़ और बढ़ेगी तो बिक्री में भी बड़ा इजाफा होगा।
होटल के संचालकों की राय
फ्रंटियर होटल की संचालक संगीत मदान ने बताया कि पिछले दो दिनों में यात्रियों की संख्या लगातार बढ़ी है। इसका सीधा असर होटल के कारोबार पर पड़ा है और पहले की तुलना में बेहतर व्यवसाय हो रहा है। उन्होंने कहा कि कांवड़ यात्रा अपने चरम की ओर बढ़ने के साथ कमरों की मांग भी बढ़ने की संभावना है।
मिष्ठान कारोबार की स्थिति
मिष्ठान कारोबार भी कांवड़ यात्रा से उत्साहित है। जैन मिष्ठान भंडार के अमित जैन ने बताया कि कांवड़ियों की बढ़ती आमद से मिठाई, नमकीन और नाश्ते की बिक्री में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। वहीं सुखीजा पंजाबी रेस्टोरेंट के वैभव सुखीजा ने बताया कि अभी कारोबार संतोषजनक है और डाक कांवड़ शुरू होने के बाद ग्राहकों की संख्या कई गुना बढ़ जाती है। चोटीवाला रेस्टोरेंट के गोपाल वर्मा ने भी बताया कि भोजन करने आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है और कारोबार रोज नई रफ्तार पकड़ रहा है। पूजा सामग्री और धार्मिक वस्तुओं का कारोबार भी इस बार अच्छी गति से आगे बढ़ रहा है।
पूजा सामग्री और रुद्राक्ष का कारोबार
पूजा सामग्री विक्रेता रोहित कुमार ने बताया कि सामान्य दिनों में जहां उनकी दैनिक बिक्री करीब 15 हजार रुपये रहती थी, वहीं अब यह बढ़कर लगभग 30 हजार रुपये प्रतिदिन हो गई है। रुद्राक्ष कारोबारी राहुल शर्मा के अनुसार सामान्य दिनों की तुलना में कारोबार में करीब 40 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है और भीड़ बढ़ने के साथ बिक्री में और तेजी आने की उम्मीद है। हाईवे किनारे संचालित ढाबों पर भी सबसे अधिक रौनक देखने को मिल रही है।
बिजनौर के ढाबा संचालक का बयान
बिजनौर निवासी ढाबा संचालक बिजेंद्र कुमार ने बताया कि सामान्य दिनों में उनकी दैनिक बिक्री 10 से 20 हजार रुपये के बीच रहती थी, लेकिन अब यह बढ़कर 80-90 हजार रुपये तक पहुंच गई है। उनका कहना है कि यदि कांवड़ियों की संख्या इसी तरह बढ़ती रही तो अगले कुछ दिनों में बिक्री एक लाख रुपये प्रतिदिन का आंकड़ा भी पार कर सकती है।


