शारीरिक शिक्षा के बिना खेलों का अस्तित्व केवल स्वप्न: पीयूष जैन

Newswrap हिन्दुस्तान, हरिद्वार
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हरिद्वार, संवाददाता। गुरुकुल कांगड़ी सम विश्वविद्यालय के शारीरिक शिक्षा और खेल विभाग में आयोजित विशेष व्याख्यान में विशेषज्ञों ने कहा कि शारीरिक शिक्ष

शारीरिक शिक्षा के बिना खेलों का अस्तित्व केवल स्वप्न: पीयूष जैन

गुरुकुल कांगड़ी सम विश्वविद्यालय के शारीरिक शिक्षा और खेल विभाग में आयोजित विशेष व्याख्यान में विशेषज्ञों ने कहा कि शारीरिक शिक्षा के बिना खेलों का अस्तित्व केवल स्वप्न है। खिलाड़ियों के सर्वांगीण विकास और खेलों में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए शारीरिक शिक्षा सबसे मजबूत आधार है। दयानंद स्टेडियम स्थित मेजर ध्यानचंद सभागार में बुधवार को आयोजित कार्यक्रम में फिजिकल एजुकेशन फाउंडेशन ऑफ इंडिया के महासचिव और लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी, फगवाड़ा के डॉ. पीयूष जैन ने प्रशिक्षुओं को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि भारत आने वाले दशक में ओलंपिक आयोजन की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। इसके लिए खेल नीति, तैयारी और संरचना पर गंभीरता से कार्य किया जा रहा है।

डॉ. जैन ने कहा कि लंबे समय तक शारीरिक शिक्षा को खेलों से अलग मानने का मिथक रहा, जो अब समाप्त हो रहा है। वर्तमान समय में खेल, खिलाड़ियों और खेल सुविधाओं के विकास के लिए ठोस प्रयास किए जा रहे हैं। इससे युवाओं को बेहतर अवसर मिल रहे हैं और वे राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सफलता प्राप्त कर रहे हैं।

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