If you do not accept the demands of the workers then you will get on the roads - मजदूरों की मांगें नहीं मानी तो सड़कों पर उतरेंगे DA Image
16 नबम्बर, 2019|1:52|IST

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मजदूरों की मांगें नहीं मानी तो सड़कों पर उतरेंगे

सिडकुल की एक कंपनी की मजदूर यूनियन की बैठक में मजदूरों की समस्याओं को लेकर चर्चा की गई। कंपनी और शासन पर मजदूरों की सुनवाई न करने का आरोप लगाया। मजदूरों की मांगें न मानने पर कंपनी के खिलाफ सड़क पर उतरने की चेतावनी दी। रविवार को मजदूर यूनियन, फूड्स श्रमिक यूनियन, कर्मचारी कल्याण यूनियन की संयुक्त बैठक रानीपुर स्थित शिव मंदिर में आयोजित की गई। बैठक में सरकार की ओर से श्रमिकों के लिए निर्धारित बेसिक-पे संशोधित लागू न होना, ग्रॉस सैलरी पर पीएफ की कटौती न होना, मार्च 2018 से लंबित वेज-रिवीजन पर कोई सकारात्मक दृष्टिकोण न अपनाए जाने को लेकर विचार विमर्श किया गया। फूड श्रमिक यूनियन के महामंत्री ब्रजेश कुमार ने कहा कि सिडकुल में श्रम कानूनों का उल्लंघन किया जा रहा है। सिडकुल के मजदूरों की किसी भी कंपनी की ओर से सुनवाई नहीं की जा रही है। राजेश कुमार ने यूनियनों को इस मुद्दे पर अपनी बात उठाने पर जोर दिया। फरविंदर कुमार ने सभी से एकजुट होकर रणनीति तय करने का सुझाव दिया। अश्वनी कुमार ने कहा कि यदि कर्मचारियों की मांगों पर कंपनी प्रबंधन ने सकारात्मक रूप से समाधान नहीं किया तो सभी यूनियनें सड़क पर उतरकर संघर्ष करने को मजबूर होंगी। बैठक में चंदन सिंह, महेंद्र राणा, देवेंद्र कुमार, रवीश कुमार, मदन सिंह, दीपक पोषवाल, संजय कुमार, ललित कुमार, रोहन सिंह, संदीप पाल, मोहन, इखलाक, कुलमिंदर, मोहनिश वोहरा, मोहित शर्मा, मोहन कुमार, बहादुर सिंह, नीरज सिंघवाल, शाहरून अली आदि उपस्थित रहे।

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