DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

ठेके पर चल रही शहर की उच्च शिक्षा

शहर के तीन राजकीय वित्तीय सहायता प्राप्त डिग्री कालेजों में शिक्षण व्यवस्था ठेके के शिक्षकों के भरोसे चल रही है। ज्वालापुर निवासी पीएस चौहान और कनखल के ओपी वेदालंकार ने इस संबंध में मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर स्थिति में सुधार की मांग उठाई है। पत्र में पीएस चौहान और ओपी वेदालंकार ने कहा कि एसएमजेएन पीजी कालेज, महिला महाविद्यालय सतीकुंड कनखल और चिन्मय डिग्री कालेज शिवालिक नगर तीनों कालेज राजकीय वित्तीय मान्यता प्राप्त हैं। तीनों कालेजों में करीब साढ़े तीन हजार छात्र विज्ञान, कला साहित्य और वाणिज्य की शिक्षा ले रहे हैं। एसएमजेएन कालेज में 10 स्थायी शिक्षक हैं जबकि 35 शिक्षक ठेके पर रखे गए हैं। महिला डिग्री कालेज में सात शिक्षक स्थायी हैं और 25 शिक्षक ठेके पर रखकर काम चलाया जा रहा है। चिन्मय डिग्री कालेज में आठ शिक्षक स्थायी और 20 ठेके पर काम कर रहे हैं। बढ़ती छात्र संख्या को देखते हुए तीनों कालेजों ने अतिरिक्त विषयों और अतिरिक्त सीटों की मान्यता विश्वविद्यालय से ली थी। मान्यता लिए हुए दस-पंद्रह साल से ज्यादा हो गए, लेकिन अभी तक सरकार ने मान्यता को स्थायी नहीं किया। बार-बार टीम इंस्पेक्शन करने आती है और रिपोर्ट के बाद मान्यता का अगले सत्र के लिए नवीनीकरण किया जाता है। ऐसे में कालेजों को इंस्पेक्शन पर हर साल लाखों रुपये खर्च करने पड़ते हैं।

पीएस चौहान और ओपी वेदालंकार ने मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में कहा कि सरकार कालेजों की मान्यता स्थायी करे और शिक्षकों के अतिरिक्त पद सृजित किए जाएं। साथ ही खाली चल रहे पदों पर स्थाई शिक्षकों की नियुक्ति की जाए। कालेजों में स्थायी और ठेके पर रखे शिक्षकों की संख्या की पुष्टि तीनों कालेजों के प्राचार्यों डा. एसके बत्रा, डा. शशि प्रभा और डा. आलोक कुमार ने भी की है।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:Higher education of the city running on contracts