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स्वास्थ्य विभाग के दावे फेल, नहीं मिली एंबुलेंस

108 एंबुलेंस के कर्मचारियों की हड़ताल को लेकर स्वास्थ्य विभाग की तैयारी की पोल भी खुल गई। दावों के बावजूद स्वास्थ्य विभाग गंभीर मरीजों और गर्भवती महिलाओं को एंबुलेंस मुहैया कराने में पूरी तरह नाकाम रहा। सरकारी अस्पतालों के हाथ खड़े करने में बाद मरीजों को सार्वजनिक और निजी वाहनों का सहारा लेना पड़ा। मंगलवार रात से 108 एंबुलेंस के संचालन पर ब्रेक लग गया था। बुधवार को जिले की नौ 108 एंबुलेंस और आठ खुशियों की सवारी अस्पतालों में ही खड़ी रहीं। स्वास्थ्य विभाग का दावा था कि इमरजेंसी में मरीजों को अस्पताल की एंबुलेंस मुहैया करायी जाएगी। लेकिन दावों के उलट अस्पतालों ने मरीजों को एंबुलेंस की सुविधा देने से मना कर दिया। बहादराबाद निवासी प्रतिभा ने बताया कि प्रसव के उपरांत उनको बुधवार को डिस्चार्ज किया। लेकिन अस्पताल ने खुशियों की सवारी उपलब्ध नहीं करायी। प्रतिभा ने कहा कि उनको रिक्शा से घर जाना पड़ा। ज्वालापुर निवासी अंजलि ने बताया कि रात को उनको अचानक प्रसव पीड़ा हुई। इसके बाद उनके पति ने 108 एंबुलेंस को फोन किया लेकिन बताया गया कि कर्मचारी हड़ताल पर हैं। कहा कि रात को उनके पति ने किसी तरह एक ऑटो चालक को अस्पताल जाने के लिए तैयार किया। लक्सर निवासी अजीत सिंह ने बताया कि उनके बेटा गंभीर रूप से घायल हो गया था। 108 एंबुलेंस को फोन किया तो उन्होंने एंबुलेंस उपलब्ध न होने की बात कही।

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  • Web Title:Health department claims failure not found ambulance