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21 सितम्बर, 2020|2:05|IST

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पथरी में मंदिर तोड़े जाने के विरोध में चार विधायकों का धरना

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पथरी क्षेत्र के बादशाहपुर गांव में तालाब की भूमि पर बने मंदिर को तोड़ने पहुंची पुलिस और प्रशासन की टीम को सत्ता पक्ष के चार विधायकों समेत भीम आर्मी का विरोध झेलना पड़ा। चारों विधायकों ने ग्रामीणों का साथ देते हुए धरना दिया और सरकार से बात करने के लिए प्रशासन से समय मांगा। वहीं, भीम आर्मी कार्यकर्ताओं ने साफ कहा कि मंदिर न हटेगा न टूटेगा। मंदिर मामले में किसी तरह की राजनीति को बर्दास्त नहीं किया जाएगा। उपजे माहौल को देखते हुए मौके फोर्स तैनात कर दिया गया है।

धरने के दौरान हरिद्वार ग्रामीण विधायक स्वामी यतीश्वरानंद ने कहा कि मंदिर को तोड़ने से पहले उनकी लाश के ऊपर से गुजरना होगा। कहा कि हम पहले सरकार में बात करेंगे, उसके लिये प्रशासन हमें पर्याप्त समय दे। स्वामी ने कहा कि जब मंदिर बन रहा था तब निर्माण क्यों नहीं रोका गया। झबरेड़ा विधायक देशराज कर्णवाल ने कहा कि हमें धार्मिक स्थल पर राजनीति को छोड़कर धार्मिक स्थल को बचाने के लिये एकजुट होना चाहिए। ज्वालापुर विधायक सुरेश राठौर ने कहा कि प्रशासन से अनुरोध किया गया है कि वे धार्मिक स्थल को लेकर सरकार के समक्ष अपनी बात रखेंगे। तब तक के लिये प्रशासन पर्याप्त समय दे।

रानीपुर विधायक आदेश चौहान ने कहा कि धार्मिक स्थल को हटाना हमारा अपमान है। हमारी सरकार मंदिर बनाती है तोड़ती नहीं। हम इस प्रकरण को लेकर सरकार में बातचीत करेंगे। भीम आर्मी के विधानसभा क्षेत्र अध्यक्ष दीपक ने मंदिर तोड़ने के मामले में भाजपा सरकार को जिम्मेदार बताते हुए कहा कि सरकार केवल मंदिर तुड़वाने का कार्य कर रही है।

सभी चारों विधायकों से वार्ता करने के बाद उपजिलाधिकारी गोपाल सिंह ने बताया पांच दिन का समय दिया है। पांच दिन में विधायक या समिति के लोग धार्मिक स्थल को नहीं हटाते है तो प्रशासन द्वारा धार्मिक स्थल को हटा दिया जाएगा।

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  • Web Title:Four MLAs protest against demolition of temple in stone