वनाग्नि रोकथाम को लेकर वन विभाग सक्रिय, संवेदनशील क्षेत्रों पर नजर बढ़ी
हरिद्वार में अपर प्रमुख वन संरक्षक सुरेंद्र मेहरा ने वनाग्नि नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्थाओं को मजबूत करने के लिए वन प्रभाग और राजाजी टाइगर रिजर्व का निरीक्षण किया। उन्होंने आग से सुरक्षा के उपायों, संसाधनों की उपलब्धता और वन क्षेत्रों में तैनात टीमों की तैयारियों का जायजा लिया।

हरिद्वार, संवाददाता। वनाग्नि की घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्थाओं को मजबूत करने के उद्देश्य से अपर प्रमुख वन संरक्षक सुरेंद्र मेहरा ने बुधवार को हरिद्वार वन प्रभाग और राजाजी टाइगर रिजर्व का व्यापक स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने वन क्षेत्रों में तैनात टीमों की तैयारियों, संसाधनों की उपलब्धता और संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी व्यवस्था का गहन जायजा लिया। निरीक्षण की शुरुआत हरिद्वार वन प्रभाग के श्यामपुर रेंज स्थित मॉडल क्रू स्टेशन अंजनी से हुई, जहां उन्होंने फायर प्रूफ डंगरी, फायर रेक, लीफ ब्लोअर, टॉर्च और वाटर बोतल सहित अग्निशमन उपकरणों की स्थिति और उपयोगिता की जांच की। उन्होंने सभी क्रू स्टेशनों पर वायरलेस बेस सेट को 24 घंटे सक्रिय रखने और वनाग्नि नियंत्रण टीमों को हर समय अलर्ट रहने के निर्देश दिए।अपनी
सुरक्षा को प्राथमिकता देने पर भी जोरहरिद्वार वन प्रभाग में वर्तमान में 77 वनाग्नि श्रमिकों और 20 आपदा मित्रों की तैनाती की गई है। अंजनी क्रू स्टेशन पर कर्मियों से संवाद करते हुए सुरेंद्र मेहरा ने आग पर त्वरित नियंत्रण के साथ-साथ अपनी सुरक्षा को प्राथमिकता देने पर जोर दिया। इसके बाद उन्होंने श्यामपुर रेंज के सजनपुर अनुभाग में वन क्षेत्रों का निरीक्षण कर वन मार्गों के किनारे नियमित सफाई और आग की घटनाओं पर पूर्ण नियंत्रण बनाए रखने के निर्देश दिए। निरीक्षण के अगले चरण में उन्होंने राजाजी टाइगर रिजर्व की हरिद्वार रेंज स्थित रानीपुर क्रू स्टेशन का दौरा किया। यहां भी संसाधनों की समीक्षा के साथ क्षेत्र भ्रमण कर सुरक्षा व्यवस्थाओं का आकलन किया गया।
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