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3 दिसंबर, 2020|6:31|IST

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ऊर्जा निगम को पोल हटाने के आदेश

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जिला उपभोक्ता फोरम ने ऊर्जा निगम को तय शुल्क जमा करवाने के बाद भी पोल नहीं हटाने के मामले में उपभोक्ता सेवा में कमी का दोषी पाया है। फोरम ने एक माह की अवधि में प्लॉट के सामने से पोल हटाने और क्षतिपूर्ति और शिकायत खर्च के रूप में पांच हजार रुपये शिकायतकर्ता को अदा करने के आदेश दिए हैं।

शिकायतकर्ता महिला संगीता पत्नी मुकेश कुमार निवासी टिबड़ी हरिद्वार ने एक शिकायत अधिशासी अभियंता, उत्तराखंड पॉवर कारपोरेशन लिमिटेड ग्रामीण के खिलाफ दायर की थी। शिकायतकर्ता ने बताया कि उसका एक प्लॉट उदय विहार कॉलोनी, जगजीतपुर में है। बताया था कि ऊर्जा निगम ने उसके प्लॉट के सामने 11 हजार केवी की लाइन का पोल लगा दिया है। जबकि वहां पहले कोई पोल नहीं था। यही नहीं, निगम ने बिना सूचना व नक्शे के दूसरी जगह से हटाकर प्लॉट के सामने पोल लगा दिया था। जुलाई 2014 में अधिकारियों के कहने पर उसने पोल हटवाने के लिए सात हजार 729 रुपये जमा भी किए थे। लेकिन इसके बाद भी पोल नहीं हटा। थक हारकर शिकायतकर्ता ने फोरम की शरण ली थी। शिकायत की सुनवाई के बाद फोरम अध्यक्ष कंवर सैन और सदस्यों ने अधिशासी अभियंता ग्रामीण को उपभोक्ता सेवा में कमी का दोषी ठहराया है।

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  • Web Title:Energy corporation ordered to remove the pole