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खुद ही मरहम-पट्टी कराने पर मजबूर हैं कांवड़िए

खुद ही मरहम-पट्टी कराने पर मजबूर हैं कांवड़िए

कांवड़ियों को प्राथमिक चिकित्सा उपलब्ध कराने के लिए लगाए गए स्वास्थ्य शिविर महज औपचारिकता साबित हो रहे हैं। मेला क्षेत्र में लगाए गए अधिकांश शिविरों में चिकित्सक नहीं बैठ रहे हैं। शिविर में चिकित्सक न मिलने के कारण कांवड़िए स्वयं ही अपने घावों की मरहम पट्टी कर रहे हैं। मेला क्षेत्र में कांवड़ियों के इलाज के लिए लगाए गए अस्थायी स्वास्थ्य शिविरों पर अव्यवस्थाएं हावी हैं। सभी अस्थायी स्वास्थ्य कैंप में स्वास्थ्य विभाग ने चिकित्सक, फार्मासिस्ट के अलावा प्रशिक्षु चिकित्सक की व्यवस्था की है। इसके लिए स्वस्थ्य विभाग के अलावा गुरूकुल और ऋषिकुल मेडिकल कॉलेज से भी स्टॉफ उपलब्ध करवाया गया है। इसके बावजूद हरिद्वार आने वाले कांवड़ियों को उपचार नहीं मिल पा रहा है। इन स्वास्थ्य शिविरों में कहीं जरूरी दवाओं का टोटा है तो कहीं शिविरों से चिकित्सक ही नदारद हैं। मजबूरन कांवड़ियों को खुद ही अपना इलाज करना पड़ रहा है। रविवार को पंतद्वीप कांवड़ बाजार में लगे स्वास्थ्य शिविर में चिकित्सक न मिलने से कांवड़ियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। कैंप में बैठी इंटर्न चिकित्सकों न बताया शिविर में चिकित्सक नहीं हैं। इंटर्न चिकित्सकों ने कांवड़ियों के घावों पर पट्टी करने से इंकार कर दिया। कांवड़ियों ने अपने घावों पर स्वयं ही पट्टी की। हरियाणा से आए रंजन, ब्रजेश ,मुकेश, अकिंत आदि कांवड़ियों ने बताया की कैंपों में दवाई और चिकित्सक न मिलने से परेशानी हो रही हैं। वहीं प्रभारी सीएमओ डॉ. एचडी शाक्या ने शिविर में चिकित्सक की गैरमौजूदगी और दवाओं के आभाव से पूरी तरह से इंकार किया। जबकि कांवड़िए की शिविर में उपचार करती हुई फोटो इस बात पर मोहर लगा रही है कि शिविर में उपस्थित स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी उपचार को मना कर रहे है।

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  • Web Title:Doctor not sitting in Kanvad camps