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गैंडीखाता में दो सौ परिवारों के पास शौचालय नहीं

ग्राम पंचायत गैंडीखाता में आज भी 200 से ज्यादा परिवारों के पास शौचालय नहीं है। अधिकांश परिवार अनुसूचित जन जाति वर्ग के हैं। दैनिक मजदूरी करके पेट पालने वाले परिवार के सदस्य आज भी खुले में शौच के लिए मजबूर हैं। ग्राम पंचायत और स्वजल विभाग ने 2011-12 की सर्वे सूची के आधार पर ग्राम गैंडीखाता को ओडीएफ (खुले में शौच मुक्त) घोषित भी कर दिया था। जबकि आज भी 200 परिवारों के पास अपना शौचालय नहीं है। स्थानीय ग्रामीण सोम चंद्र, राजेंद्र सिह, राजपाल, सिह, कांता सिह, महेंद्र सिह, लक्ष्मण सिह, गोपाल सिह, जीवन सिह, राकेश सिह, दिनेश सिह, नरेश कुमार, शीतल सिह, तेजपाल सिह आदि का कहना है कि गांव में आज भी कई लोग खुले में शौच जाने को मजबूर हैं। आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने के कारण लोग अपना शौचालय नहीं बना सके हैं।ग्राम प्रधान गैंडीखाता सोमदेवी का कहना है कि स्वजल योजना से शत-प्रतिशत शौचालय निर्माण करा दिया गए हैं। वंचित 30 परिवारों को मनरेगा के तहत शौचालय निर्माण कराया जा रहा है। चार साल में गांव में आबादी भी बढ़ी है। कई ऐसे परिवार हैं, जिनके पास शौचालय नहीं हैं। उनके यहां शौचालय बनाने की व्यवस्था की जा रही है। स्वजल विभाग हरिद्वार के परियोजना अधिकारी सोमनाथ सैनी का कहना है कि गैंडीखाता पंचायत में 2011-12 की आर्थिक सर्वे सूची में 547 परिवारों को शामिल किया गया था। इसमें 397 को विभिन्न योजनाओं से शौचालय का लाभ मिल चुका है। वंचित 150 परिवारों का शौचालय निर्माणधीन है। इसके अतिरिक्त बीते चार वर्षों में बढ़े परिवार भी खंड विकास अधिकारी के यहां आवेदन कर मनरेगा के अंतर्गत शौचालय का निर्माण करा सकते हैं।

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  • Web Title:Do not have toilet for two hundred families in Gandhikhata