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17 जनवरी, 2021|12:15|IST

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रिजर्वेशन के बाद भी सीट न मिलने पर रेलवे पर हर्जाना

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जिला उपभोक्ता आयोग ने आरक्षित कोच में सीट नहीं मिलने के मामले में रेलवे को सेवा में कमी का दोषी पाया है। आयोग ने महाप्रबंधक, मुरादाबाद मंडल और स्टेशन मास्टर हरिद्वार को शिकायतकर्ता को क्षतिपूर्ति के रूप में दो लाख रुपये और शिकायत खर्च के रूप में 10 हजार रुपये की राशि अदा करने के आदेश दिए हैं।

शिकायतकर्ता परमेश्वर राठौर निवासी राज विहार कॉलोनी जगजीतपुर कनखल ने उत्तर रेलवे मंडल मुरादाबाद के महाप्रबंधक और स्टेशन मास्टर हरिद्वार के खिलाफ शिकायत की थी। शिकायतकर्ता ने दो मार्च 2019 को परिवार समेत 31 मार्च 2019 को दिल्ली से हरिद्वार आने के लिए मसूरी एक्सप्रेस में सेकंड क्लास स्लीपर में रिजर्वेशन कराया था। इसके लिए 570 रुपये का भुगतान किया था। टिकट पर शिकायतकर्ता की पत्नी पूनम, पुत्र शुभम व पुत्री ऐश्वर्या के नाम अंकित था। तय अवधि में परिवार रेलवे स्टेशन पर पहुंचा था। स्टेशन पर अधिक भीड़ होने के कारण का परिवार अपने डिब्बे में नहीं चढ़ पाई और दूसरे डिब्बे में चढ़कर अपनी आरक्षित सीट पहुंचा था तो उनकी सीट पर अन्य यात्री बैठे थे। उन यात्रियों ने सीट खाली करने से इंकार कर दिया था। टिकट कलेक्टर ने भी सीट देने से मना कर दिया था। शिकायतकर्ता के परिजनों ने रात भर खड़े होकर ट्रेन में यात्रा की। शिकायतकर्ता ने आयोग की शरण ली थी। सुनवाई करने के आयोग अध्यक्ष कंवर सेन और सदस्य विपिन कुमार ने रेलवे विभाग के अधिकारी व कर्मचारी को उपभोक्ता सेवा में कमी और लापरवाही का दोषी ठहराया है।

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  • Web Title:Damages on railway for not getting seat even after reservation