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21 सितम्बर, 2020|6:24|IST

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बैरागी कैंप अनादिकाल से बैरागी संतों की आरक्षित भूमि

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बड़ा उदासीन अखाड़े के कुंभ मेला प्रभारी श्रीमहंत दुर्गादास ने कहा कि बैरागी कैंप अनादि काल से बैरागी संतों के लिए आरक्षित भूमि रही है। वर्षों से वैष्णव संत बैरागी कैंप क्षेत्र में अपनी छावनियां लगाते आ रहे हैं। परन्तु राजनीतिक लाभ के चलते पिछले कुछ समय से यहां बाहरी लोगों को बसा दिया गया है।

यह बात उन्होंने सोमवार को भूपतवाला स्थित साधुबेला आश्रम में उदासीन संप्रदाय के संतों की बैठक में कही। श्रीमहंत ने कहा कि सरकार को बैरागी कैंप भूमि के लिए सभी 13 अखाड़ों और बैरागी संतों के साथा वार्ता करनी चाहिए। कहा कि जब संन्यासियों की भूसमाधि और छड़ी यात्रा की परंपरा की मांग सरकार मान सकती है तो बैरागी संतों की मांग भी सरकार को पूरी करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार व प्रशासन को सर्वप्रथम स्थायी अतिक्रमण को मुक्त कराकर मेला भूमि को खाली कराना चाहिए और चिह्नित कर बैरागी अखाड़ों को आवंटित करनी चाहिए। प्रशासन द्वारा बैरागी कैंप में मंदिरों को तोड़े जाने का नोटिस दिए जाने पर उन्होंने कड़ी नाराजगी जतायी। कहा कि कोर्ट के निर्णय के खिलाफ अपना पक्ष रखना चाहिए और मंदिरों को तोड़े जाने से बचाना चाहिए।

साधुबेला पीठाधीश्वर आचार्य गौरीशंकर दास ने कहा कि सरकार और प्रशासन को बैरागी कैंप क्षेत्र से स्थायी व अस्थायी अतिक्रमण हटाना चाहिए। बैरागी कैंप क्षेत्र का स्वरूप लगातर घटता जा रहा है। इस पर प्रशासन ने पहले क्यों ध्यान नहीं दिया। महामंडलेश्वर हरिचेतनानंद ने कहा कि सरकार को न्याय पालिका में अपना पक्ष रखना चाहिए। मंदिरों को तोड़ा जाना सनातन धर्म पर कुठाराघात है। सरकार को संतों का सम्मान करना चाहिए। वैष्णव सम्प्रदाय के संतों की समस्या का हल सरकार को करना चाहिए। बैरागी संतों की संख्या के अनुरूप बैरागी कैंप क्षेत्र का स्वरूप कम हो रहा है। इसको प्रशासन ध्यान में रखकर बैरागी कैंप क्षेत्र को अतिक्रमण मुक्त करना चाहिए।

बैठक में महामंडलेश्वर भगवत स्वरूप, महंत कमलदास, महंत जयेंद्र मुनि, महंत निर्मलदास, महंत बलराम मुनि, महंत निरंजनदास, महंत दर्शनदास, महंत प्रेमदास, महंत दामोदर दास आदि शामिल रहे।

ऐसे हाल में कैसे होगा कुंभ

बैठक में कहा गया कि बैरागी संतों के साथ ऐसा रवैया अपनाने के बाद शासन-प्रशासन कुंभ मेला कैसे संपन्न कराएगा। संपूर्ण उदासीन सम्प्रदाय बैरागी संतों के साथ है। अनादि काल से अपनी परंपरा का निर्वहन कर रहे बैरागी संत कहां जाएंगे।

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  • Web Title:Bairagi Camp Land reserved for Bairagi Saints from Anadikal