DA Image
हिंदी न्यूज़   ›   उत्तराखंड  ›  हरिद्वार  ›  सार्वजनिक रूप से माफी मांगें रामदेव: आईएमए

हरिद्वारसार्वजनिक रूप से माफी मांगें रामदेव: आईएमए

हिन्दुस्तान टीम,हरिद्वारPublished By: Newswrap
Tue, 01 Jun 2021 09:40 PM
सार्वजनिक रूप से माफी मांगें रामदेव: आईएमए

बाबा रामदेव द्वारा एलौपैथ चिकित्सकों को लेकर की गई बयानबाजी के विरोध और कार्रवाई की मांग को लेकर हरिद्वार आईएमए ने भी मंगलवार को काली पट्टी बांधकर काम किया। आईएमए ने केंद्र सरकार से रामदेव के खिलाफ कारवाई करने की मांग की है। कार्रवाई न होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है।

आईएमए के जिला अध्यक्ष डॉ. दिनेश सिंह ने कहा कि कोरोना काल में उपचार करने की अनुमति से लेकर दवा और उनके दाम तय करने तक का अधिकार केन्द्र सरकार के हाथ में है, चंद चिकित्सकों को कोरोना का उपचार करने की अनुमति है ऐसे में एक चिकित्सक ड्रग माफिया कैसे हो गया। सभी चिकित्सकों को कोरोना उपचार की अनुमति नहीं थी, सब कुछ सरकार के हाथ में था और है, ऐसे में रामदेव द्वारा चिकित्सकों पर नहीं बल्कि सीधे केंद्र सरकार की कार्यप्रणाली पर उंगली उठाई गयी और लगातार उठायी जा रही है। बावजूद इसके अब तक केंद्र सरकार चुप्पी साधे हुए है। सरकार यदि समय रहते बाबा की बयानबाजी का संज्ञान ले लेती तो आज यह नौबत ही न आती।

पूर्व अध्यक्ष डॉ. विपिन मेहरा ने कहा कि बाबा रामदेव के पास वास्तव में कोरोना से बचाने की कोई ऐसी दवा है तो सामने लाएं और मौत के मुंह में जा रहे लोगों को बचाएं। आरोप लगाया कि रामदेव ने यह हाल कर दिया है कि कुछ समय पहले तक जो आयुर्वेदिक दवाएं सस्ते में मिलती थीं आज उनकी कीमतों में कई गुना का उछाल आ गया है। बाबा को अपने अलावा सभी आयुर्वेदाचार्य और चिकित्सक चोर नजर आते हैं। डॉ. विजय वर्मा ने कहा कि देश की आजादी से पहले से ही दर्जन से अधिक आयुर्वेदिक कॉलेज चल रहे हैं लेकिन किसी ने आज तक इस तरह की चमत्कारी आयुर्वेदिक औषधि का दावा नहीं किया जिससे संक्रामक रोग जड़ से समाप्त हुए हों। रामदेव जिस तरह के दावे अपनी दवाओं को लेकर करते हैं इसकी सरकार को जांच करनी चाहिए।

विरोध दर्ज कराने वालों में डॉ नीता मेहरा, डॉ आरके सिंह, डॉ कैलाश पांडेय, डॉ प्रेम लूथरा, डॉ अनु लूथरा, डॉ विपिन प्रेमी, डॉ राम शर्मा, डॉ मुकेश मिश्रा, डॉ जसप्रीत सिंह, डॉ जसप्रीत कौर, डॉ तरुण गुप्ता, डॉ सीमा गुप्ता, डॉ संध्या शर्मा, डॉ संदीप शर्मा आदि मुख्य रूप से शामिल थे।

संबंधित खबरें