
आंगनबाड़ी वर्कर का अनिश्चितकालीन धरना शुरू
संक्षेप: आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने अपनी लंबित मांगों को लेकर एक बार फिर से आंदोलन शुरू कर दिया है। उन्होंने विकास भवन के निकट अनिश्चितकालीन धरना दिया है और सरकार को चेतावनी दी है कि जब तक उनकी समस्याओं पर ठोस समाधान नहीं होता, वे आंदोलन जारी रखेंगे। आंगनबाड़ी वर्करों की कई प्रमुख मांगें हैं, जिनमें राज्य कर्मचारी घोषित करना और पेंशन की सुविधा शामिल है।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने लंबित मांगों को लेकर एक बार फिर आंदोलन शुरू कर दिया है। मंगलवार को जिले की आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने विकास भवन के निकट अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर सरकार को चेतावनी दी है कि जब तक उनकी समस्याओं पर ठोस और लिखित आश्वासन नहीं दिया जाता, वह आंदोलन जारी रखेंगी। उत्तराखंड राज्य आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ के बैनर तले शुरू हुए अनिश्चितकालीन धरने पर मौाजूद आंगनबाड़ी वर्कर ने कहा कि सरकार की ओर से उनके हितों के संबंध में अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है, जिससे राज्यभर की आंगनबाड़ी वर्कर बेहद निराश हैं और आंदोलन के लिए बाध्य हैं।

यदि जल्द ही सरकार उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं करती, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। संघ के पदाधिकारियों ने बताया कि आंगनबाड़ी वर्कर को राज्य कर्मचारी घोषित किया जाए। जब तक ऐसा नहीं होता, तब तक उन्हें 800 रुपये प्रतिदिन की दर से 24,000 रुपये मासिक मानदेय दिया जाए। सेवानिवृत्ति के बाद पेंशन की सुविधा सुनिश्चित की जाए तथा महिला कल्याण कोष से मिलने वाली एकमुश्त धनराशि कम से कम 5 लाख रुपये की जाए। सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार ग्रेच्युटी का लाभ दिया जाए। प्रदेश में सुपरवाइजर के सभी रिक्त पद आंगनबाड़ी वर्कर के प्रमोशन से भरे जाएं और तत्काल विज्ञप्ति जारी हो। संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि मार्च 2024 में बनाई गई समिति की रिपोर्ट अब तक सार्वजनिक न होने पर समिति की स्थिति और निर्णय स्पष्ट किए जाएं। फेस कैप्चर प्रणाली बंद की जाए, क्योंकि इसके कारण वास्तविक लाभार्थी योजनाओं से वंचित हो रहे हैं। आंगनबाड़ी कार्यकर्त्रियों ने सरकार से शीघ्र सकारात्मक निर्णय की उम्मीद जताई है। इस दौरान संघ के प्रदेश महामंत्री ममता बादल, शहर अध्यक्ष सारिका शर्मा, कोषाध्यक्ष आशा, उर्मिला, रुकमणी खरे, सुमनलता, राजकुमारी, नूतन शर्मा, गीता शर्मा, संयोगिता,बबीता सैनी, सोनिया बब्बर, राजेश, अंजना शर्मा, संतोषी आदि मौजूद रहे।

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