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राष्ट्र को शक्तिशाली बनाने का एक आध्यात्मिक प्रयोग है यज्ञ

शांतिकुंज के निर्देशन में देश भर के 21 प्रदेशों के 2.40 लाख घरों में पहली बार एक साथ एक समय में गायत्री यज्ञ संपन्न हुआ। अभियान की शुरुआत करते हुए गायत्री परिवार के प्रमुख डॉ. प्रणव पण्ड्या ने कहा कि यह अभियान राष्ट्र को समर्थ व शक्तिशाली बनाने के लिए एक आध्यात्मिक प्रयोग है।

एक साथ एक समय में किए गए देश भर के 2.40 लाख घरों में हुए इन यज्ञों के माध्यम से जो ऊर्जा उत्पन्न हुई, उससे एक सकारात्मक वातावरण विनिर्मित होगा। जन-जन में आध्यात्मिकता, आस्तिकता, पारिवारिक भावना व सेवा भाव का जागरण होगा। उन्होंने कहा कि यज्ञ के भस्म में रोग प्रतिरोधक क्षमता भी प्रचुर मात्रा में पाया जाता है, जिससे कई प्रकार की बीमारियां ठीक हो सकती हैं। देवसंस्कृति विव में यज्ञोपैथी से विभिन्न प्रकार की बीमारियों पर शोध कार्य चल रहा है। संस्था की अधिष्ठात्री शैलदीदी ने यज्ञाचार्यों की टीम को गायत्री यज्ञ के विभिन्न लाभों पर विस्तृत जानकारी दी। व्यवस्थापक शिवप्रसाद मिश्र ने कहा कि नियमित यज्ञ करने से शारीरिक, मानसिक व आध्यात्मिक लाभ मिलता है। गृहे-गृहे गायत्री यज्ञ व उपासना अभियान के समन्वयक केदार प्रसाद दुबे ने कहा कि शांतिकुंज से प्रातः सात बजे से ही यज्ञाचार्यों की चार सौ टोलियां निकलीं। शांतिकुंज कार्यकर्ताओं, देसंविवि के युवाओं, गायत्री विद्यापीठ के विद्यार्थी एवं विभिन्न प्रशिक्षण शिविरों में आए प्रशिक्षणार्थियों की टोलियों ने ऋषिकेश, रायवाला, हरिद्वार, ज्वालापुर के अनेक गांवों, कॉलोनियों में यज्ञ पिता गायत्री माता की उपासना के साथ हवन कराया। इससे पूर्व शांतिकुंज की यज्ञाचार्यों की टीम को महिला मंडल की प्रमुख यशोदा शर्मा ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

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  • Web Title:A spiritual experiment to make the nation powerful is the sacrifice