हरिद्वार से किडनैप बच्ची का दिल्ली से सुराग, यूपी के दंपति चला रहे थे नेटवर्क; 5 लाख में मासूम का सौदा

लाइव हिन्दुस्तान, हरिद्वार
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हरिद्वार में चोरी हुई बच्ची को दिल्ली से सकुशल बरामद किया गया है। इसमें यूपी के दो दंपतियों समेत 6 लोग अरेस्ट हुए हैं। ये बच्चा चोरी गैंग दिल्ली में 5-5 लाख में मासूमों का सौदा करता था।

हरिद्वार से किडनैप बच्ची का दिल्ली से सुराग, यूपी के दंपति चला रहे थे नेटवर्क; 5 लाख में मासूम का सौदा

हरिद्वार पुलिस ने महज 72 घंटे में कनखल से चोरी तीन साल की बच्ची को बरामद कर लिया है। मामले में बच्चा चोर गिरोह के छह सदस्यों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। इनमें उत्तर प्रदेश के अमरोहा और मुजफ्फरनगर के दो दंपति भी शामिल हैं। पुलिस ने गिरोह के कब्जे से हाल में दिल्ली से चुराया गया डेढ़ साल का बच्चा भी बरामद किया है।

मायापुर स्थित एसपी सिटी कार्यालय में एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर ने बताया कि बीती छह मई को कनखल थाना क्षेत्र के बैरागी कैंप में झुग्गी-झोपड़ी से बच्ची को चुरा लिया गया था। जांच में पता चला कि गिरोह चुराए गए बच्चों को निसंतान दंपतियों को दो से पांच लाख रुपये बेचता था। गिरोह की जड़ें यूपी, दिल्ली और उत्तराखंड तक फैली हैं। पुलिस ने गिरोह के मोहम्मद आकिल, उसकी पत्नी नसीमा, जुल्फेकार निवासी अमरोहा, धर्मेंद्र निवासी मुजफ्फरनगर, हाल निवासी लक्सर हरिद्वार, उसकी पत्नी प्रीति और शिवा हाल निवासी हरिद्वार को दिल्ली से गिरफ्तार किया।

दिल्ली से मिला सुराग

हरिद्वार पुलिस को पता चला कि दिल्ली से भी एक बच्चा चोरी हुआ। सीसीटीवी फुटेज के मिलान से पता चला कि दोनों बच्चों को चुराने में एक ही गिरोह का हाथ है। पुलिस की दबिश के चलते गिरोह के सदस्य अपहृत बच्ची को आनन्द विहार रेलवे स्टेशन पर छोड़कर फरार हो गए।

बैरागी कैंप की झुग्गी बस्ती से तीन साल की मासूम के लापता होने के बाद उसके परिवार की दुनिया जैसे उजड़ गई थी। गरीब माता-पिता अपनी बच्ची की तलाश में दर-दर भटक रहे थे। हर बीतते घंटे के साथ उम्मीदें कमजोर पड़ रही थीं, लेकिन हरिद्वार पुलिस ने हार नहीं मानी और 72 घंटे के अंदर बच्ची को बरामद कर परिवार की खुशियां लौटा दीं।

कई राज्यों में छापेमारी और सैड़कों सीसीटीवी खंगाले

बच्ची चोरी की घटना के बाद पुलिस टीमों ने लगातार 72 घंटे तक दिन-रात अभियान चलाया। सैकड़ों सीसीटीवी फुटेज खंगाली गईं, कई राज्यों में छापेमारी की गई और हर छोटी-बड़ी जानकारी को जोड़कर पुलिस आखिरकार उस संगठित गिरोह तक पहुंच गई, जिसने बच्ची का अपहरण किया था। पुलिस की लगातार दबिश और सख्ती का असर ऐसा हुआ कि गिरोह के सदस्य बच्ची को आनंद विहार रेलवे स्टेशन पर छोड़कर फरार हो गए। सूचना मिलते ही हरिद्वार पुलिस की टीम दिल्ली पहुंची और मासूम को सुरक्षित अपने संरक्षण में लेकर उसके परिवार तक पहुंचाया। मां की गोद में लौटते ही खुशी के आंसू बह निकले और वहां मौजूद पुलिसकर्मी भी भावुक हो उठे। इतना ही नहीं, जांच के दौरान पुलिस ने दिल्ली से चोरी किए गए डेढ़ वर्षीय बच्चे को भी सकुशल बरामद कर लिया। यह कार्रवाई केवल अपराधियों की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं रही, बल्कि दो परिवारों की खुशियां लौटाने वाली साबित हुई। कम संसाधनों वाले एक कमजोर परिवार की बच्ची को बेहद कम समय में सुरक्षित बरामद कर हरिद्वार पुलिस ने यह संदेश दिया कि संवेदनशीलता, समर्पण हो तो लक्ष्य हासिल हो सकता है।

आकिल और प्रीति ढूंढते थे ग्राहक

पुलिस जांच में पता चला है कि गिरोह ने बच्चा चुराने से लेकर ग्राहक ढूंढने और फर्जी मां-बाप बनकर उसे बेचने का काम अलग-अलग सदस्यों को बांटा था। मोहम्मद आकिल और प्रीति शर्मा बच्चों की कीमत तय करके उन्हें अपना या अनाथ बताकर खरीदारों की तलाश करते थे। पुलिस को आशंका है कि बच्चा चोर गिरोह में अन्य लोग भी शामिल हो सकते हैं। इसलिए मामले की जांच आगे भी जारी रहेगी।

दिल्ली से चोरी किया गया बच्चा भी बरामद

हरिद्वार। बच्चा चोर गिरोह से पूछताछ में खुलासा हुआ कि गिरोह ने गत 24 मई को नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से डेढ़ वर्षीय बच्चे कार्तिक का अपहरण किया था। आरोपियों ने उसे डेढ़ लाख रुपये में बदायूं में बेच दिया था। हरिद्वार पुलिस ने कार्तिक को भी बरामद किया। दिल्ली पुलिस को सूचना दी गई है।

बच्चा चोर गिरोह के पकड़े गए आरोपी

गिरोह में मोहम्मद आकिल पुत्र अनिश अहमद, मोहम्मद आकिल की पत्नी नसीमा निवासी पायती कला मियां सातूकी मजार के पास थाना डिडोली जनपद अमरोहा (यूपी), हाल निवासी एमडीए कॉलोनी एमयू यूनिवर्सिटी के पास, मुरादाबाद (यूपी), जुल्फेकार पुत्र स्व. जमील अहमद निवासी ग्राम दरियापुर थाना अमरोहा देहात जनपद अमरोहा (यूपी), धर्मेंद्र कुमार पुत्र स्व. होशराम, निवासी सिकंदरपुर, थाना भोपा जनपद मुजफ्फरनगर (यूपी) हाल निवासी केशव नगर, शुगर मिल के सामने लक्सर हरिद्वार, प्रीति शर्मा पत्नी धर्मेंद्र कुमार निवासी ग्राम भोजापुर तहसील माधौगढ़ थाना कुठौंद जनपद जालौन (यूपी) हाल निवासी सिकंदरपुर थाना भोपा मुजफ्फरनगर (यूपी) और शिवा सिंह उर्फ गौरव पुत्र स्व. राजेंद्र प्रसाद निवासी मोहल्ला पचरुकी गर्ग थाना सिवान सिटी जिला सिवान (बिहार) हाल निवासी झुग्गी-झोपड़ी जटवाड़ा पुल ज्वालापुर हरिद्वार।

Gaurav Kala

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