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11 अगस्त, 2020|6:23|IST

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नमाज अदा कर मांगी अमन चैन की दुआ

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नगर पंचायत सहित विभिन्न ग्रामीण इलाकों में ईद-उल-अजहा का त्योहार हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। नमाजियों ने ईदगाह, मस्जिदों और घरों में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कर नमाज अदा की। लेकिन इस बार कोरोना संक्रमण के चलते लागू लॉकडाउन के कारण नमाज अदायगी के बाद मुस्लिम समाज के लोगों ने एक- दूसरे को दूर से ही ईद की मुबारकबाद दी।

शनिवार को ईद-उल-अजहा यानी बकरीद के मौके पर मुस्लिमों ने सुबह नमाज अदा की। इमाम मुफ्ती शाहिद रजा अजहरी मिस्बाही ने ईदगाह पर सोशल डिसंटेंस का पालन करते हुए नमाज पढ़ाई। कोविड-19 की गाइडलाइन का पालन करते हुए शहर और उसके आसपास की करीब 30 से ज्यादा मस्जिदों में इमामों ने चार नमाजियों को नमाज पढ़ाई। ज्यादातर लोगों ने घरों पर नमाज अदा की। इस दौरान मुल्क में अमन चैन और लोगों के बेहतर स्वास्थ्य की कामना की गई। बाद में बकरे या दूसरे जानवरों की कुर्बानी दी।

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दूसरा सबसे बड़ा त्योहार

ईद-उल फितर के बाद ईद-उल-अजहा यानी बकरीद मुसलमानों का दूसरा सबसे बड़ा पर्व है। दोनों ही मौके पर ईदगाह जाकर या मस्जिदों में विशेष नमाज अदा की जाती है। ईद-उल फितर पर शीर खुरमा बनाने का रिवाज है। जबकि ईद-उल- अजहा पर बकरे या दूसरे जानवरों की कुर्बानी दी जाती है।

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कोरोना के चलते रौनक गायब

ईद में जो रौनक रहती थी वह कोरोना के चलते पूरी तरह से गायब रही। ईद मिलने के लिए लोग एक-दूसरे के घर आते और जाते थे। लेकिन इस बार अधिकतर लोग एक-दूसरे के घर नहीं गए। इसकी जगह पर कॉल और वीडियो कॉल कर लोगों ने ईद की बधाई दी।

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  • Web Title:Worshiped Aman Chan by offering prayers