वर्क फ्रॉम होम के बाद अब ‘वर्क फ्रॉम कैफे’ का बढ़ रहा ट्रेंड
हल्द्वानी में वर्क फ्रॉम कैफे का ट्रेंड लगातार बढ़ रहा है। युवा रिमोट वर्क और फ्रीलांसिंग के लिए कैफे का चयन कर रहे हैं। बेहतर इंटरनेट और शांति के कारण कैफे कार्यस्थल के रूप में विकसित हो रहे हैं। इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी लाभ हो रहा है।

हल्द्वानी। युवाओं के बीच वर्क फ्रॉम कैफे का ट्रेंड तेजी से बढ़ रहा है। महानगरों में नौकरी करने वाले कई युवा अब अपने गृह नगर हल्द्वानी लौटकर रिमोट वर्क, फ्रीलांसिंग और ऑनलाइन बिजनेस से जुड़ रहे हैं। बेहतर इंटरनेट कनेक्टिविटी, अपेक्षाकृत कम जीवन-यापन खर्च और शांत वातावरण के कारण हल्द्वानी शहर उभरते हुए रिमोट वर्किंग केंद्रों में शामिल होता जा रहा है। कोरोना महामारी के बाद जहां वर्क फ्रॉम होम संस्कृति को बढ़ावा मिला, वहीं अब कई युवा घर के माहौल से बाहर निकलकर कैफे में काम करना पसंद कर रहे हैं। वहीं शहर में कई कैफ़े युवाओं को हाई-स्पीड वाई-फाई, चार्जिंग पॉइंट, शांत कार्यस्थल और लंबे समय तक बैठने की सुविधा उपलब्ध करा रहे हैं। इसी कारण कैफे अब केवल खान-पान की जगह नहीं बल्कि छोटे ऑफिस और को-वर्किंग स्पेस के रूप में भी विकसित हो रहे हैं। ठंडी सड़क स्थित कैफे युवाओं की पसंदीदा जगहों में शामिल हो गया है। टीएनसी दा निरवान कैफे के संचालक सौरभ ने बताया कि उनके यहां प्रतिदिन लगभग 8 से 10 नियमित ग्राहक केवल काम करने के उद्देश्य से आते हैं। उन्होंने बताया कि शाम 5 बजे से रात 10 बजे के बीच कैफे में सबसे अधिक वर्किंग प्रोफेशनल्स और फ्रीलांसर पहुंचते हैं।
युवाओं का कहना
सुभाष नगर स्थित एक कैफे भी युवाओं के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। यहां रोजाना कई युवा अपने ऑफिस कार्य, ऑनलाइन मीटिंग्स और फ्रीलांस प्रोजेक्ट्स के लिए पहुंचते हैं। कैफे का शांत वातावरण और सुविधाजनक कार्यस्थल इसे युवाओं की पसंद बना रहा है। रिमोट वर्क और वर्क फ्रॉम कैफे की बढ़ती संस्कृति से स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी फायदा हो रहा है। कैफे, इंटरनेट सेवाएं, फूड बिजनेस और अन्य स्थानीय सेवाओं की मांग बढ़ रही है। इससे नए रोजगार अवसर भी सृजित हो रहे हैं।
सोशल मीडिया मैनेजर और वीडियो एडिटिंग, एआई जनरेटेड कंटेंट और विभिन्न ब्रांड्स के लिए विज्ञापन वीडियो बनाने का काम करता हूं। कैफे का माहौल पूरी तरह वर्क-फ्रेंडली है। यहां शांति रहती है और काम पर फोकस करना आसान हो जाता है।
- आर्यन
मैं हैदराबाद स्थित एक मल्टीनेशनल कंपनी में कार्यरत हूं। घर में कई बार काम का माहौल नहीं बन पाता, इसलिए वह अक्सर कैफे में आकर काम करना पसंद करते हैं। कैफे में बैठकर काम करने से ऑफिस जैसी फीलिंग आती है और काम समय पर पूरा हो जाता है।
- संदीप
भविष्य में और बढ़ सकता है यह ट्रेंड
डिजिटल इंडिया, हाई-स्पीड इंटरनेट और रिमोट जॉब्स की बढ़ती संख्या को देखते हुए आने वाले वर्षों में हल्द्वानी जैसे टियर-2 शहरों में वर्क फ्रॉम कैफे का ट्रेंड और मजबूत होने की संभावना है। युवाओं के लिए यह न केवल बेहतर कार्य वातावरण प्रदान कर रहा है, बल्कि शहर की अर्थव्यवस्था को भी नई दिशा दे रहा है।


