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निकलेगी न मरकर भी वतन की उल्फत, मेरी मिट्टी से भी खुशबू-ए-वतन आएगी

निकलेगी न मरकर भी वतन की उल्फत, मेरी मिट्टी से भी खुशबू-ए-वतन आएगी

पैदा यहीं हुआ था यहीं पर मरूंगा मैं, वो और लोग थे जो कराची चले गये। इन्हीं शब्दों के साथ अंजुमन शान-ए-वतन की ओर से स्वतंत्रता दिवस धूमधाम से मनाया गया। इस दौरान सदस्यों ने आजादी की शान में रोज़ हम रस्मों रिवाज के नाज़ ही तो उठाते हैं,आज़ादी का दिन भी इसी की भेंट चढ़ता जा रहा है इसे हम ही बचा सकते हैं..जैसे कई शेर सुनाये।

गुरुवार को स्वतंत्रता दिवस पर चोरगलिया रोड स्थित एक मैरिज हॉल में आजादी का जश्म मनाया गया।

इस दौरान अंजुमन शान- ए-वतन की जानिब से सेमिनार आयोजित हुआ। इसमें स्वतन्त्रता संग्राम में हुए शहीदों व उनके दिए योगदान को याद किया गया। साथी ही संविधान पर हो रहे बदलावों पर भी चर्चा की गई। इसमें हाल ही में हुए सूचना अधिकार संशोधन बिल, कश्मीर में धारा 370 और 35ए और उत्तर प्रदेश में यूएपीए व तीन तलाक विषय शामिल रहे। इस दौरान मौजूदा सदस्यों ने आजादी की शान में निकलेगी न मरकर भी वतन की उल्फत, मेरी मिट्टी से भी खुशबू-ए-वतन आएगी सहित कई शेर पेश किए। सेमिनार की सदारत राजा बहुगुणा और संचालन सरताज आलम ने किया। इस मौके पर शाहज़ेब खान, मुबारक हुसैन, शाहिद हुसैन, ज़हीर अंसारी, कैलाश पांडे, मेराज अजहरी, तस्लीम अंसारी, आनन्द नेगी, जीआर टम्टा, उमेश चन्दोला, नसीम अहमद, आसिम, एडवोकेट यूसुफ, शराफत खान, मास्टर अब्दुल हमीद, आसिफ सिद्दीक़ी, ज़ाहिद अंसारी, इकरार हुसैन, अनवर अली, नईम अहमद, हबीबुर्रहमान, भूपेंद्र गुप्ता, आमिर विक्की, तौफीक अहमद, पार्षद ज़ाकिर हुसैन, साजिद सिद्दीक़ी, शादाब आलम, हाजी जावेद रज़ा, ज़ुबैर लकी, सदिक अंसारी, सईद अहमद, शारिक खान, नारायण दत्त जोशी, सुंदर लाल, इम्तियाज़ हुसैन, चांद बाबू, समेत कई अन्य मौजूद रहे।

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