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नैनीझील का जल स्तर घटकर 1.42 फीट पहुंचा

नैनीझील का जल स्तर घटकर 1.42 फीट पहुंचा

बीते कुछ वर्षों से नैनीझील का गिरता जल स्तर जिला प्रशासन/शासन के लिए चुनौती बना हुआ है। पर्यटक नगरी में झील का जल स्तर गिरने से जहां पर्यटन पर प्रतिकूल असर पड़ता है वहीं नगर के पेयजल सप्लाई पर भी असर पड़ रहा है। साथ ही झील के जलीय जीवों पर भी बुरा प्रभाव पड़ता है। इस वर्ष भी सर्दियों में वर्षा और बर्फवारी नहीं होने से झील का जल स्तर घटकर 1.42 फीट पहुंच गया है। जो 2016 और 2017 को छोड़ दें तो मार्च माह में बीते चार दशकों में अब तक का सबसे न्यूनतम स्तर है।

बता दें कि पूर्व में नैनीझील की देखरेख का दायित्व पीडब्लूडी के पास था जो अब इसे सिंचाई विभाग को सौंप दिया गया है। विभाग के पास नैनीझील से संबंधित 1977 से आज तक का रिकार्ड मौजूद है। वर्ष 1980 को छोड़ दें तो 1977 से 2000 तक कभी भी झील का जल स्तर शून्य नहीं पहुंचा। 1980 में कम वर्षा से मई और जून में जल स्तर शून्य रहा। लेकिन जुलाई की शुरुआत में वर्षा शुरू होते ही झील लबालब भरने लगी। इसके अलावा 1978 में मई में न्यूनतम जल स्तर 1.3 फीट तथा 1985 में जून माह में न्यूनतम 1.9 फीट रहा। इसके अलावा मार्च में जल स्तर औसतन 6 से 10 फीट जबकि मई और जून में 4 से 9 फीट तक रहा। वर्ष 2000 के बाद भी मई माह में जल स्तर शून्य तक पहुंचा है। जो बाद में लोकल और मानसून की वर्षा से फिर पुराने स्वरूप में आ गया।

नैनीझील के स्वर्णिम इतिहास में बीते दो वर्ष सबसे प्रतिकूल रहे। वर्ष 2016 में 16 फरवरी को ही झील का जल स्तर शून्य पहुंच गया था, जबकि वर्ष 2017 में 12 फरवरी को झील का जल स्तर शून्य पहुंचा था। इस वर्ष 25 मार्च को नैनीझील का जल स्तर 1.42 फीट है।

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  • Web Title:Water level of Nainital lake decreased to 1.42 feet